पत्नी के प्रेमी की हत्या कर उसे छिपाने के लिए शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। कोर्ट में हत्या साबित होने पर दोषी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा दी है। 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। फैसला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अतिरिक्त न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने दिया।
अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया कि 13 अक्टूबर 2018 की रात को मोरवनी रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति की सर कटी लाश मिली थी। शिनाख्त दयाभाई (40) पिता रामसिंह निवासी सरतापुर जिला मोरबी (गुजरात) के रूप में हुई।
जांच में 14 अक्टूबर 2018 को पता चला कि मृतक दया की कार मोरवनी निवासी हेमराज पिता मांगू डामर के घर के पीछे खड़ी है। जब हेमराज से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने दयाभाई की हत्या करना कबूल किया। जांच में सामने आया कि दयाभाई की हत्या कर उसे रेलवे ट्रैक पर फेंका गया, ताकि यह हत्या के बजाय हादसा लगे।
मजदूरी करने गए थे गुजरात
जांच में सामने आया कि घटना से 3 साल पहले आरोपी हेमराज व उसकी पत्नी मजदूरी करने मोरबी (गुजरात) गए थे। वहां पर मजदूरों के ठेकेदार दयाभाई का मृतक की पत्नी से मेल-जोड़ बढ़ने का हेमराज को शक होने पर वह परिवार के साथ वापस मोरवनी आ गया था। तीन माह बाद आरोपी की पत्नी बिना बताए मोरबी चली गई। हेमराज ने गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके दो महीने बाद उसकी पत्नी वापस आ गई और बताया कि वह मर्जी से दयाभाई के साथ गई थी। इसके बाद दयाभाई यहां हेमराज के घर आने लगा। 13 अक्टूबर 2018 को भी वह हेमराज के घर आया था और रात में वहीं सोया था। जबकि हेमराज घर के बाहर खटिया पर सोया था।
पत्नी को साथ ले जाने को कहा
रात में दयाभाई शराब के नशे में हेमराज के पास आया और उसकी पत्नी को साथ ले जाने का कहने लगा। इस पर हेमराज ने दयाभाई का मुंह दबाकर उसकी छाती पर ईंट मार दी। दया बेहोश हो गया तो हेमराज उसे उठाकर पास में ही स्थित रेलवे पटरी पर ले गया और फेंक दिया। हेमराज ने वहां दया पर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी और भाग निकला। पीएम में पता चला कि मृतक को रेल से कटने से जो चोट आई थी वह मरने के बाद की थी। आरोपी के कपड़ों से मृत का खून, खून से सने कपड़े और चाकू भी बरामद किए थे।




