भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सामने 26 टन गोमांस मिलने के मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। एसीपी उमेश तिवारी सहित दो टीआई और उनकी टीमें पूरे मामले की जांच करेंगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मांस कहां से लाया गया और कौन-कौन लोग अवैध मांस तस्करी गिरोह का हिस्सा हैं।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा के करीबियों से पूछताछ की तैयारी में है। असलम और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है। दोनों से पूछताछ के लिए उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर रिमांड में लिया जाएगा। पुलिस गोमांस को भैंसे का मांस बताने वाले डॉक्टर को भी नोटिस जारी कर रही है।
जानिए क्या है मामला
17 दिसंबर की रात भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के सामने हिंदू संगठनों ने मांस से भरा एक ट्रक पकड़ा था। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि इस ट्रक में जो मांस का परिवहन हो रहा था, वह गोमांस है। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और अन्य अधिकारी पहुंच गए थे। पुलिस ने सबसे पहले ड्राइवर को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद इस मांस को लैब में टेस्टिंग के लिए राज्य पशु चिकित्सालय जहांगीराबाद भेजा गया था। लैब रिपोर्ट में 26 टन जब्त मांस गोमांस का ही पाया गया। इसके बाद लाइव स्टॉक कंपनी के संचालक असलम उर्फ चमड़ा की गिरफ्तारी की गई।




