इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक निजी कंपनी का सुपरवाइजर बनकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने चार से अधिक लोगों से करीब 19 लाख रुपए हड़प लिए थे। इस मामले में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी थी, जिसके बाद पुलिस ने अब एफआईआर दर्ज की है।
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आवेदक योगेंद्र सिंह पूनिया, रानू सोलंकी, दीपक यादव और प्रदीप जटाले ने लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि सुमन शर्मा नामक व्यक्ति खुद को विविड मैनेजमेंट हब इंडिया, शगुन टॉवर का सुपरवाइजर बताकर मिला था। उसने बताया कि उसकी कंपनी आरबीएल बैंक और इंडसइंड बैंक के क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि वसूली का काम करती है।
सुमन ने निवेशकों को यह कहकर लालच दिया कि वह कस्टमर के बिल रोटेशन के जरिए भरवाता है, जिससे करीब 1.20% का मुनाफा होता है। इसी झांसे में आकर महेश यादव ने अपने क्रेडिट कार्ड में निवेश किया और अपने परिचितों से भी निवेश करवाया। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए सुमन ने लगभग ₹14.64 लाख की राशि मुनाफे सहित वापस की, लेकिन बाद में ₹19.17 लाख की रकम नहीं लौटाई। जब पीड़ितों ने पैसे मांगे, तो उन्हें धमकाने लगा।
पीड़ितों ने इस संबंध में ईओडब्ल्यू में शिकायत की, जिसके बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने सुमन शर्मा को गिरफ्तार किया है। फिलहाल उसके अन्य साथियों और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है।




