दमोह में छोटे भाई ने बड़े भाई को गोली मार दी। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वारदात खमरिया गांव में सोमवार सुबह की है। दोनों भाइयों के बीच फसल कटाई के ठेके को लेकर विवाद हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, बिहारी पटेल (50) और उसका छोटा भाई रघुवीर पटेल उर्फ वीरन खेतिहर मजदूर हैं। बिहारी ने गांव के ही सुख सिंह से उड़द फसल की कटाई का ठेका कम दाम पर ले लिया था। इस पर रघुवीर को आपत्ति थी।
रविवार रात दोनों भाइयों के बीच विवाद हो गया। परिजन ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। सोमवार सुबह बिहारी पटेल फसल कटाई के लिए जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में लाइसेंसी बंदूक लेकर बैठे वीरन ने गोली चला दी। जो बिहारी के सीने में जा लगी।
अस्पताल लेकर पहुंचा बेटा फायरिंग की आवाज सुनकर बिहारी का बेटा प्रकाश मौके पर पहुंचा। पिता को जमीन पर पड़ा देखा। सीने से खून बह रहा था। प्रकाश साथियों के साथ पिता बिहारी को लेकर हटा सिविल अस्पताल पहुंचा।
जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
देखिए, घटनाक्रम की 3 तस्वीरें…



परिजन ने पकड़कर कमरे में बंद किया बिहारी की बहू वर्षा ने पुलिस को बताया- चाचा रघुवीर सुबह बंदूक लेकर घर आए थे। मैंने कहा कि अगर मुझे मारना चाहते हो तो मार दो, लेकिन उन्होंने कहा कि वे मुझे नहीं मारेंगे। इसके बाद वे चले गए।
जब मेरे ससुर खेत जा रहे थे तो रास्ते में ही चाचा ने उन पर गोली चला दी। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। बंदूक छीनकर कमरे में बंद कर दिया। सूचना मिलते ही एसडीओपी प्रिया सिंधी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचीं। एफआईआर दर्ज कर केस की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस बोली- जमीन कितनी ली थी, स्पष्ट नहीं
फतेहपुर चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह ने बताया कि ठेके पर फसल कटाई के लिए बड़े भाई बिहारी ने आरोपी वीरन से ज्यादा एकड़ जमीन ठेके पर ली थी। जमीन कितनी ली थी इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। इसी बात से आरोपी नाराज था।
आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में फसल कटाई या ठेके पर ली गई खेती में रुपयों के लेन-देन की जगह अनाज का लेन-देन होता है, इसलिए यहां पर भी रुपयों के लेन-देन की बात सामने नहीं आई है। चार भाइयों में बिहारी सबसे बड़ा था। आरोपी वीरन तीसरे नंबर का है। उसकी पांच बेटियां और एक बेटा है, जिसमें से एक बेटी की शादी हो चुकी है। वहीं बिहारी का एक बेटा प्रकाश पटेल है।




