ग्वालियर में जमीन का फर्जी मालिक बनकर तीन जालसाजों ने 19 लोगों को ठगा है। एक पीड़ित परिवार की शिकायत पर अदालत के आदेश के बाद 41 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। इस धोखाधड़ी में एक पटवारी की भूमिका भी सामने आई है।
विवेकानंद कॉलोनी निवासी महिमा आहूजा (50) ने शिकायत में बताया कि उन्होंने दो साल पहले गिरवी रखी 14,952 वर्ग फीट जमीन का सौदा रामपाल सिंह तोमर, अशोक कुकरेजा और सुनील बहारानी से 41 लाख 50 हजार रुपए में किया था।
आरोपियों को स्टांप ड्यूटी के लिए 6 लाख रुपए भी दिए गए थे, जिसमें से उन्होंने केवल 4 लाख रुपए जमा किए और 2 लाख रुपए हड़प लिए।
गिरवाई की जमीन पर हुई धोखाधड़ी
यह धोखाधड़ी गिरवाई स्थित एक जमीन पर हुई है। जमीन का कुछ हिस्सा 2008 में राजेश सुकरेजा ने खरीदा था, जिनका कोविड के दौरान निधन हो गया। उनकी पत्नी भोपाल में और बेटा विदेश में रहते हैं, जिससे जमीन की देखभाल करने वाला कोई नहीं था। जिले में पदस्थ एक पटवारी को इसकी जानकारी थी।
पटवारी ने रामपाल सिंह तोमर, अशोक कुकरेजा और सुनील बहारानी के साथ मिलकर जमीन हड़पने की योजना बनाई। उन्होंने जमीन के रजिस्टर में खरीदार का नाम बदलकर उसे राम सिंह के नाम पर दर्ज कर दिया और फर्जी एनआरआई मालिक बनकर सौदे किए।
आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविंद्र सिंह जाटव ने बताया कि पीड़ित महिला की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। इन लोगों ने जमीन के असली मालिक की जगह फर्जी रजिस्ट्री बनाकर 41 लाख रुपए की ठगी की है।




