ग्वालियर में तेज रफ्तार कार को रोकने के प्रयास में घायल हुए ट्रैफिक टीआई धनंजय शर्मा का वायरलैस सेट अब पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। घटना को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन पूरी जिला पुलिस अब तक अपने ही अधिकारी का वायरलैस सेट बरामद नहीं कर पाई है। इस मामले में झांसी रोड थाने में वायरलैस सेट गुम होने की एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।
दरअसल शनिवार 27 दिसंबर की रात करीब 8 बजे ट्रैफिक थाना कंपू प्रभारी धनंजय शर्मा अपनी टीम के साथ थीम रोड स्थित मेडिकल चौराहे के पास बिना नंबर प्लेट और काली फिल्म लगे वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि चेतकपुरी से अचलेश्वर की ओर एक फॉक्स बैगर कार तेज रफ्तार में आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने कार को घेरने का प्रयास किया।
कार ने टीआई को मारी टक्कर
अचलेश्वर की ओर से कार कंपू की तरफ आती दिखाई दी। जब टीआई धनंजय शर्मा ने कार को रोकने की कोशिश की, तो चालक ने आसपास मौजूद वाहनों की भीड़ को नजरअंदाज करते हुए करीब 80 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार दौड़ा दी। इसी दौरान कार चालक ने टीआई को टक्कर मार दी, जिससे उनके हाथ की कलाई और पंजे में कांच के टुकड़े चुभ गए। इसके बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद साथी पुलिसकर्मियों ने टीआई धनंजय शर्मा को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इसी दौरान यह सामने आया कि हड़बड़ी में उनका सरकारी वायरलैस सेट संदिग्ध कार के अंदर गिर गया। पुलिस ने तत्काल कार की तलाश शुरू की, लेकिन अब तक कार और वायरलैस सेट दोनों का कोई सुराग नहीं मिला है।

CCTV में दिखी कार, फिर भी खाली हाथ पुलिस
पुलिस ने घटना के बाद कार के आने-जाने के रूट पर लगे CCTV कैमरों की जांच की। फुटेज में कार आमखो क्षेत्र तक जाती हुई नजर आई है। CCTV में कार का नंबर MP07 CK-3905 दिखाई दिया है। इसके बावजूद पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो कार चालक को पकड़ पाई है और न ही वायरलैस सेट बरामद कर सकी है।
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर आरोपी कार चालक फरार है, वहीं दूसरी ओर पुलिस अपना ही वायरलैस सेट तलाशने में नाकाम रही है।
पुलिस का बयान
झांसी रोड थाना प्रभारी टीआई शक्ति सिंह यादव ने बताया कि
वायरलैस सेट गुम होने के मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। कार चालक की तलाश की जा रही है और जल्द ही आरोपी को पकड़कर वायरलैस सेट भी बरामद कर लिया जाएगा।




