इंदौर
शहर में शुक्रवार को दो अलग-अलग मामलों में दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पहली घटना देवास नाका क्षेत्र की है, जहां एक केबल फाइबर कंपनी के कर्मचारी का शव उसके कमरे में मिला। वहीं दूसरी घटना एरोड्रम थाना क्षेत्र की है, जहां डिप्रेशन के चलते एक वृद्ध ने जहर खाकर जान दे दी।
केबल कर्मचारी की संदिग्ध मौत
सैटेलाइट कॉलोनी (देवास नाका) में रहने वाले 30 वर्षीय शिवलेश मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मूल रूप से कटनी के रहने वाले शिवलेश टेलीकॉम कंपनी में केबल फाइबर बिछाने का काम करते थे और अप्रैल से यहां किराए के मकान में अकेले रह रहे थे। उनकी शादी इसी साल फरवरी में ही आकांक्षा से हुई थी।
गुरुवार सुबह शिवलेश ने परिजनों को फोन कर सर्दी और अचानक तेज बुखार होने की बात कही थी। परिजनों की सलाह पर उन्होंने एक दोस्त को डॉक्टर के पास ले जाने के लिए फोन किया था। इसके बाद जब दोस्त उन्हें लेने पहुंचा और कॉल किया, तो फोन रिसीव नहीं हुआ। मकान मालिक की पत्नी ने नीचे जाकर देखा तो शिवलेश का शव हॉल में फर्श पर सीने के बल पड़ा था और पास में दवाइयां रखी थीं। आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है और रिपोर्ट का इंतजार है।
डिप्रेशन में वृद्ध ने खाया जहर
एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक अन्य घटना में 66 वर्षीय वृद्ध श्याम पिता छोटूमल भाटिया ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उन्हें शुक्रवार सुबह अचेत हालत में एमवाय अस्पताल पहुंचाया था, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वृद्ध लंबे समय से डिप्रेशन में थे। पुलिस मामले की आगे की पड़ताल कर रही है।



