राजधानी स्थित लोकभवन (राजभवन) कल से तीन दिन तक आमजन के लिए खुला रहेगा। तीनों दिन नागरिक लोकभवन की ऐतिहासिकता, प्राकृतिक सौंदर्य एवं विशेष सजावट को करीब से देख सकेंगे। यहां केन्द्रीय संचार ब्यूरो और मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा “राजभवन से लोकभवन” विषय पर आधारित प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रहेगी।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल के फैसले के बाद राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे लोकभवन का भ्रमण जरूर करें और लोकतांत्रिक मूल्यों को निकट से अनुभव कर संविधान के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करें। यह आयोजन नागरिकों और शासन के बीच संवाद, सहभागिता और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
इस समय खुला रहेगा लोकभवन
- भ्रमण अवधि 25 से 27 जनवरी 2026 तक
- 25 और 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शाम 8 बजे तक प्रवेश का समय
- गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के दिन लोकभवन भ्रमण का समय प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक
गेट नंबर एक से एंट्री और गेट क्रमांक 4 से निकासी
- नागरिकों के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में वाहन पार्किंग व्यवस्था होगी।
- आमजन लोकभवन में गेट क्रमांक-1 से प्रवेश और गेट क्रमांक- 4 से निकास करेंगे।
- आमजन गेट क्रमांक-1 से प्रवेश के बाद लोकभवन सचिवालय एवं वीआईपी रोड होते हुए कांच गेट से लोकभवन परिसर में प्रवेश करेंगे।
- स्वर्ण जयंती सभागार (बैंक्वेट हॉल), ऐतिहासिक दरबार हॉल, तोप एवं ध्वज वंदन स्थल का अवलोकन करेंगे।
- सिविल डिस्पेंसरी के सामने आयोजित केन्द्र और राज्य सरकार की प्रदर्शनी देखेंगे।
- सांदीपनि सभागार के बाहर वॉटर फाउंटेन के समीप वीडियो वॉल के माध्यम से लघु फिल्मों को देख सकेंगे।
- नागरिक, मंदिर के सामने वाले द्वार से होते हुए गेट क्रमांक-4 से परिसर से बाहर निकलेंगे
विशेष आकर्षण : केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रदर्शनियां
लोकभवन की ऐतिहासिकता के अवलोकन के साथ आमजन, केन्द्र एवं राज्य सरकार के विकासपरक एवं ऐतिहासिक पलों को प्रदर्शनी के माध्यम से देख सकेंगे। भारत सरकार के केन्द्रीय संचार ब्यूरो द्वारा “वीबी-जी रामजी योजना” तथा “वंदे भारत” थीम पर आधारित आकर्षक एवं सूचनात्मक प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो नागरिकों को राष्ट्र निर्माण की योजनाओं और विकास यात्रा से परिचित कराएगी। जनसंपर्क विभाग द्वारा “राजभवन से लोकभवन” विषय पर विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश की स्थापना से लेकर अब तक के सभी राज्यपालों की जानकारी सरल एवं रोचक रूप में पेश की जाएंगी। लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।




