राष्ट्र प्रथम की भावना से लेकर राष्ट्रभक्ति, अनुशासन व चरित्र निर्माण का मंत्र देने वाले विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तहत आज भोपाल के अंबडेकर नगर, हर्षवर्धन बस्ती में आयोजित विजयादशमी पथ संचलन एवं शस्त्र पूजन कार्यक्रम में सहभागिता कर इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने का सौभाग्य मिला।
एक स्वयंसेवक के रूप में अनुभव हुआ कि संघ का अनुशासन, समर्पण और निष्ठा न केवल स्वयंसेवकों को संगठित करती है, बल्कि देश और समाज के प्रति सेवा एवं उत्तरदायित्व की भावना को भी प्रगाढ़ बनाती है।
राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सौहार्द और संस्कृति के संरक्षण में संघ का योगदान अवर्णनीय है।
शताब्दी वर्ष के पथ संचलन में शामिल प्रत्येक स्वयंसेवक की लगन और उत्साह हमें यह स्मरण कराता है कि सेवा, त्याग एवं एकजुटता ही समाज व राष्ट्र को प्रगति, शांति और समृद्धि की ओर ले जाने का सच्चा मार्ग है।




