थाना जतारा अंतर्गत ग्राम पंचायत वल्देवपुरा के ग्राम दमनपुरा मुहल्ला में गृह क्लेश से तंग आकर एक युवक ने अपनी ही मां की सोते समय धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। घटना की सूचना पर जतारा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का मौका मुआयना किया और महज 24 घंटे में ही हत्या का खुलासा कर मृतिका के पुत्र को गिरफ्तार भी कर लिया। पुलिस ने आरोपित युवक को न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। महज 24 घंटे में ही हत्या का खुलासा किए जाने में जतारा थाना प्रभारी त्रिवेन्द्र त्रिवेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गौरतलब है कि थाना जतारा अंतर्गत ग्राम पंचायत वल्देवपुरा के दमनपुरा मुहल्ला में वीती रात एक वृद्व महिला की धारदार हथियार से हत्या किए जाने से पूरे गांव में सनसनी फैल गई थी। जैसे ही घटना घटित हुई तो मृतिका के पति ने तत्काल ही जतारा पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी त्रिवेन्द्र त्रिवेदी ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया तथा पूरे मामले से पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे के अलावा जतारा एसडीओपी योगेन्द्र सिंह भदौरिया को अवगत कराया। ग्राम पंचायत वल्देवपुरा में सोते समय वृद्व महिला की हत्या किए जाने के चलते एसडीओपी योगेन्द्र सिंह भदौरिया ने जहां मौका मुआयना किया वही एफएसएल टीम के साथ ही डॉग स्काड की टीम भी भेजी तथा घटना स्थल का वारीकी से निरीक्षण किया। मृतिका के पति विन्द्रावन विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर जतारा पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ धारा 302,450 भादवि के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी। इसके साथ ही थाना जतारा से अलग-अलग टीमे तैयार कर रवाना की गई। घटना के उपरांत पुलिस को यह भी जानकारी हुई कि मृतिका की हत्या उसके किसी करीबी परिजनों के द्वारा की गई, वही पुलिस को मुखविर के जरिए भी सूचना मिली कि इस हत्याकाण्ड का आरोपित व्यक्ति और कोई नही बल्कि मृतका का पुत्र ही है। जब पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर उससे सख्ती से पूंछतांछ की तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। मृतिका के पुत्र ने पुलिस को बताया कि वह गृहक्लेश से काफी परेशान हो चुका था, जिसके चलते उसने अपनी मां को ही रास्ते से हटाने का निर्णय लिया, और जब उसकी मां सो रही थी तभी उसके कमरे में घुसकर धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस को किसी प्रकार से शक न हो जिसके चलते वह घर पर ही मौजूद रहा। पुलिस ने आरोपित युवक को गिरफ्तार कर दोपहर वाद उसे न्यायालय पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। फिलहाल इस अंधे हत्याकाण्ड का खुलासा करने में जतारा थाना प्रभारी त्रिवेन्द्र त्रिवेदी, उपनिरीक्षक रविसिंह कुशवाह, उपनिरीक्षक रामलाल कौल, उपनिरीक्षक अजय प्रताप, प्रधान आरक्षक बालकिशन, पुष्पेन्द्र शर्मा, देवी सिंह, भूपेन्द्र, मनोज, धीरेन्द्र, शिवदयाल, महेन्द्र की भूमिका सराहनीय रही।




