भोपाल। राजधानी के पुराने बंद पड़े स्लॉटर हाउस को दोबारा शुरू करने की कवायद ने शहर में धार्मिक और प्रशासनिक विवाद को हवा दे दी है। नगर निगम द्वारा संबंधित कंपनी से इस संबंध में अभिमत मांगे जाने के बाद बजरंग दल ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे ‘प्रशासनिक संवेदनहीनता’ करार दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इसे दोबारा शुरू किया गया, तो हिंदू समाज के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
कोर्ट में मौन सहमति का आरोप
बजरंग दल का आरोप है कि हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान नगर निगम के वकील ने याचिकाकर्ता की प्रार्थना पर कोई आपत्ति नहीं जताई, जो स्लॉटर हाउस खोलने के लिए निगम की ‘मौन सहमति’ के रूप में देखा जा रहा है। ज्ञात हो कि असलम चमड़ा की कंपनी ‘लाइव स्टॉक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड’ ने इसे खोलने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद 13 जून को नगर निगम कमिश्नर ने कंपनी से संचालन को लेकर अभिमत मांगा है।
26 टन गौमांस की बरामदगी का पुराना जख्म
बजरंग दल ने इस स्लॉटर हाउस के पुराने विवादित इतिहास को फिर से हवा दी है। संगठन का दावा है कि पूर्व में इसी इकाई से 26 टन गौमांस (करीब 250 गायों के बराबर) जब्त किया गया था। बजरंग दल के विभाग मंत्री जीवन शर्मा और विभाग संयोजक अभिजीत सिंह राजपूत ने दो टूक कहा कि जिस जगह पर गोवंश की हत्या के गंभीर आरोप सिद्ध हो चुके हों, उसे दोबारा किसी भी कीमत पर शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
नगर निगम अब कोर्ट के निर्देश के बाद यह तय करने की प्रक्रिया में है कि स्लॉटर हाउस खोला जाए या नहीं। एक तरफ निगम प्रक्रिया का पालन करने की बात कह रहा है, तो दूसरी ओर हिंदू संगठनों का तीखा विरोध प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।



