ग्वालियर। शहर के सरदार पाटनकर साहब का बाड़ा निवासी स्वास्थ्य विभाग की रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन मीनाक्षी नाखरे साइबर ठगी का शिकार हो गई हैं। जालसाजों ने खुद को दिल्ली टेलीकॉम और सीबीआई अधिकारी बताकर उनसे 1 करोड़ 57 लाख 90 हजार रुपये ऐंठ लिए।
क्या है मामला?
10 मई 2026 को पीड़ित महिला को फोन आया कि उनके नाम पर अवैध ट्रांजेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग हो रही है। ठगों ने वीडियो कॉल पर आईपीएस अधिकारी बनकर उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाया। भयभीत महिला को ‘प्रायोरिटी इन्वेस्टिगेशन’ के नाम पर गुमराह किया गया और विश्वास दिलाया गया कि जांच पूरी होने पर पैसा वापस मिल जाएगा।
4 एफडी तोड़कर चुकाए पैसे
आरोपियों के झांसे में आकर महिला ने अपनी पुश्तैनी जमीन की बिक्री से मिली 4 एफडी तुड़वाकर 33 दिनों में अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। ठगों ने एनओसी देने का वादा किया था, लेकिन 16 जून को फोन बंद कर गायब हो गए।
दिल्ली में जांच करने पर धोखाधड़ी का पता चला। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि शिकायत दर्ज कर साइबर सेल ने उन बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनमें राशि भेजी गई थी। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
सावधान रहें: पुलिस या सरकारी अधिकारी कभी भी वीडियो कॉल पर या किसी बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहते। ऐसी कॉल आने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम हेल्प-लाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।




