कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों काे टीके नहीं लगवाने पर प्रशासन ने सोमवार को चार निजी स्कूल सील कर दिए। इनमें छावनी स्थित सेंट अर्नाल्ड स्कूल, टैगोर पब्लिक स्कूल, बेगम खान बहादुर स्कूल और सेंट उमर हायर सेकंडरी स्कूल शामिल हैं। चेतावनी के बावजूद इन स्कूलाें ने सजगता नहीं दिखाई तो प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा।
दरअसल कोरोना से बचाव के लिए शासन ने 15 से 17 वर्ष के बच्चों के लिए भी टीकाकरण अभियान चलाया हुआ है। इसके लिए स्कूलों को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने यहां पढ़ रहे बच्चों का टीकाकरण कराएं। इसमें इंदौर जिले के अधिकांश बच्चों को टीके लगा दिए गए हैं, लेकिन कुछ स्कूल अब भी लापरवाही कर रहे हैं। कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर शत-प्रतिशत बच्चों के टीकाकरण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को कुछ स्कूलों का निरीक्षण किया। अपर कलेक्टर पवन जैन ने सेंट अर्नाल्ड स्कूल की जांच की तो पता चला यहां पात्र 741 बच्चों में से 94 बच्चे अब भी टीकाकरण से बचे हैं। टैगोर पब्लिक स्कूल जांच के लिए पहुंचे अपर कलेक्टर अजयदेव शर्मा ने पाया कि यहां 310 विद्यार्थियों में से 208 का टीकाकरण किया जा चुका है, लेकिन 102 बच्चों को अब भी टीका नहीं लगा है। यहां आगामी आदेश तक प्राचार्य का कार्यालय सील कर दिया गया।
चेतावनी के बाद भी नहीं चेते – बेगम खान बहादुर स्कूल जांच के लिए पहुंचे अपर कलेक्टर राजेश राठौर ने पाया कि यहां 15 से 17 वर्ष तक के 414 बच्चों को टीके लगने थे, लेकिन 116 बच्चे टीकाकरण से बचे हैं। लापरवाही के कारण स्कूल सील कर दिया गया। अपर कलेक्टर आरएस मंडलोई ने पलासिया का सेंट उमर स्कूल भी सील कर दिया। यहां 953 बच्चों में से 235 बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं। बच्चों के टीकाकरण में लापरवाही पर सोमवार को टीएल बैठक में भी कलेक्टर ने कार्रवाई के निर्देश दिए।




