Friday, July 10, 2026
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छात्रावास केखाली कक्ष बन रहे कबाड़खाना

 शासन ने विद्यार्थियों के हित को देखते हुए छात्रावास खोले हैं। परंतु कुछ जिम्मेदारों द्वारा लापरवाही की जा रही है जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसा ही उदाहरण शहर के पीजी कॉलेज के पीछे बने शासकीय महाविद्यालयीन अजजा बालक छात्रावास में देखा जा रहा है जहां छात्रावास की समय पर साफ -सफाई नहीं की जा रही है। वहीं छात्रों को भोजन भी क्वालिटी का नहीं दिया जा रहा है। बिजली व्यवस्था सही नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रावास की दयनीय स्थिति देख गुरुवार को आदिवासी छात्र संगठन ने आदिम जाति कल्याण विभाग धार को शिकायती पत्र भी सौंपा है।

गौरतलब है कि आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा अजजा बालक छात्रावास का संचालन किया जा रहा है। छात्रावास की स्थिति बदतर देखी जा रही है। वहीं रखरखाव के अभाव में भवन जर्जर स्थिति में आ चुका है। जगह-जगह भवन प्लास्टर निकलने की स्थिति में आ चुका है। वहीं खाली कमरों को किसी कबाड़खाने से कम नहीं रखा जा रहा है। यहां तक कि छात्रावास अधीक्षक जिस कक्ष में बैठते हैं, उसकी ही स्थिति दयनीय है। जब अधीक्षक खुद का कमरा ही साफ नहीं रख सकते तो वह छात्रावास में किस तरह सफाई व्यवस्था बनाए रखेंगे। छात्रावास में कुल 25 कमरे हैं। इसमें 50 छात्रों के रहने की क्षमता है। वर्तमान में 15 छात्र यहां रहकर अध्ययन कर रहे हैं।

नईदुनिया ने जानी हकीकत

आदिवासी छात्र संगठन के छात्रों ने बताया कि हमारे छात्रावास में बहुत सारी समस्या है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी समय पर सफाई नहीं करता है। साथ ही जब हम उसे सफाई का कहते हैं तो वह कहते हैं कि आप खुद देख लो। हमें मजबूरी में खुद के कमरे की झाड़ू निकालना पड़ती है। छात्रावास अधीक्षक सप्ताह में मात्र दो दिन एक घंटे के लिए छात्रावास में आते हैं।

रोटी गले से नहीं उतरती

छात्रावास के विद्यार्थियों ने बताया कि यहां पर अधिकतर समय एक जैसे सब्जी बनाई जाती है। सप्ताह में चार दिन आलू ही बनाए जा रहे हैं। वहीं कई बार रोटी कच्ची पक्की बन जाती है। अगर रोटी को बनने के बाद एक घंटे रख दो तो वह हमारे गले से नीचे नहीं उतरती। हमने कई बार छात्रावास अधीक्षक नितिन वर्मा को मीनू लगाने का कहा पर आज तक उन्होंने यहां मीनू नहीं लगाया है। पहले यहां अखबार आता था। परंतु कई दिनों से उन्होंने अखबार भी बंद करवा दिया है। शौचालय में भी लाइट की व्यवस्था नहीं है। साथ ही जिस कमरे में हम रहते हैं वहा पर्याप्त मात्रा में लाइट नहीं होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस संबंध में छात्रावास अधीक्षक नितिन वर्मा का कहना है कि चार दिन से कर्मचारी नहीं आने के कारण सफाई नहीं हुई है। मैं प्रतिदिन छात्रावास आता हूं। दूसरे अन्य कार्य भी रहते हैं, इस कारण शुक्रवार दोपहर में उपस्थित नहीं था। साथ ही छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता अच्छी है। बिस्तर व सामग्री का पैसा शासन छात्रों के खाता में दे रहा है परंतु वह बिस्तर नहीं खरीदते।

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