इंदौर: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को ड्रग्स मामले में इंदौर पुलिस द्वारा हिरासत में लेने का मामला अब तूल पकड़ गया है। शुक्रवार को जीतू और नाना पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ की कार्रवाई बताया।
क्या है पूरा मामला?
राजेंद्र नगर पुलिस ने गुरुवार को ब्राउन शुगर के साथ इरफान खान और संजय कौशल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आए नामों के आधार पर पुलिस ने नाना पटवारी और मानव गंगवानी को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
नाना का पक्ष:
नाना पटवारी ने कहा, “मेरा ड्रग्स मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मैं केवल जीतू पटवारी का भाई हूँ, इसलिए मुझे निशाना बनाया जा रहा है। मैंने तीन साल पहले नशा छोड़ दिया है।” उन्होंने पुलिस पर बिना स्पष्ट कारण बताए उन्हें दिनभर घुमाने का आरोप लगाया।
जीतू का आरोप:
जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।
पुलिस का रुख:
डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों द्वारा नाम लिए जाने के बाद ही पूछताछ की गई थी। फिलहाल कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
नाना पटवारी का विवादित इतिहास:
नाना पटवारी पहले भी चर्चाओं में रहे हैं। उन पर हत्या के प्रयास, जमीन कब्जाने और छेड़छाड़ समेत करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2018 में हुए खुशी कूलवाल सुसाइड केस में भी उनका नाम सामने आया था।




