राजगढ़। कालीपीठ पुलिस ने सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर एक युवक के साथ हुई 1.50 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में उत्तर प्रदेश के झांसी से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से ठगी की रकम और तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं।
क्या था मामला?
ग्राम लहरचा निवासी मुकेश इमरत गिर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी के मोबाइल पर फोन कर खुद को सरकारी प्रतिनिधि बताने वाले ठगों ने झांसा दिया। उन्होंने कहा कि बीपीएल सूची में नाम आने पर उन्हें 8 लाख रुपये नकद और एक पल्सर मोटरसाइकिल मिलेगी। इसी लालच में आकर फरियादी ने आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न फोन-पे नंबरों और ऑनलाइन माध्यमों से किस्तों में 1,50,017 रुपये जमा कर दिए।
तकनीकी जांच से खुला नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन में गठित टीम ने बैंक खातों और कॉल डिटेल का बारीकी से विश्लेषण किया। इस दौरान आरोपी की लोकेशन झांसी में ट्रेस हुई। कालीपीठ पुलिस ने वहां दबिश देकर खजराहा निवासी राघवेंद्र कुशवाहा (26) को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 1.50 लाख रुपये नकद, एक मोबाइल और दो सिम कार्ड बरामद हुए हैं।
पुलिस की अपील:
जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी सिम और बैंक खातों का उपयोग कर लोगों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी अनजान कॉल पर सरकारी लाभ या लॉटरी का भरोसा न करें और न ही अपना बैंक विवरण, ओटीपी (OTP) या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।



