Sunday, June 28, 2026
29.2 C
Bhopal

पद्म अलंकरण का ऐलान, मध्‍य प्रदेश की पांच हस्तियों को मिलेगी पद्मश्री

दिल्‍ली, भोपाल। गणतंंत्र दिवस की पूर्व संध्‍या पर पद्म अलंकरणों की घोषणा कर दी गई है। मध्‍य प्रदेश की पांच हस्‍तियों को पद्मश्री से सम्‍मानित करने की घोषणा की गई है।

मध्‍य प्रदेश के अर्जुन सिंह धुर्वे को कला के क्षेत्र में, अवध किशोर जड़‍िया को कला व शिक्षा के क्षेत्र में, डॉ नरेंद्र प्रसाद मिश्रा को मेडिसिन के क्षेत्र में और राम सहाय पांडे तथा दुर्गा बाई व्‍याेम को कला के क्षेत्र में पद्मश्री सम्‍मान मिलेगा।

विभिन्न क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए 128 लोगों को पद्म पुरस्‍कारों से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। 4 लोगों को पद्म विभूषण, 17 लोगों को पद्म भूषण तथा 107 लोगों को पद्मश्री से सम्‍मानित किया जाएगा।

अर्जुन सिंह धुर्वे मंडला जिले के हैं। वे बैगा आदिवासी नृत्य कलाकार हैं। दुर्गा बाई आदिवासी महिला कलाकार हैं। भोपाल में जनजातीय कला की गोंड शैली में उन्‍होंने किया है। दुर्गा का अधिकांश काम उनके जन्मस्थान, मध्य प्रदेश के मंडला जिले के एक गांव बरबसपुर में निहित है।

उल्‍लेखनीय है कि डॉ एनपी मिश्रा को मध्‍य प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र का पितामह कहा जाता है। उनके पढ़ाए छात्र देश-दुनिया में ख्यातनाम डॉक्टर हैं। डॉक्टर ने कई देशों में जाकर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े शोध पत्र प्रस्तुत किए थे।

भोपाल में वर्ष 1984 में हुई भीषण गैस त्रासदी के दौरान मरीजों क इलाज में उनकी बड़ी भूमिका थी।

चिकित्सकों को भी यह जानकारी नहीं थी कि घातक मिथाइल आइसासाइनाइड गैस के दुष्‍प्रभाव इलाज कैसे करना है। तब उन्होंने अमेरिका और दूसरे देश के डॉक्टरों से बात कर गैस के बारे में इलाज पूछा था। वह लगातार 2 से 3 दिन तक बिना सोए वह मरीजों के इलाज में जुटे रहे।

उल्‍लेखनीय है कि डॉ एनपी मिश्रा को मध्‍य प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र का पितामह कहा जाता है। उनके पढ़ाए छात्र देश-दुनिया में ख्यातनाम डॉक्टर हैं। डॉक्टर ने कई देशों में जाकर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े शोध पत्र प्रस्तुत किए थे।

भोपाल में वर्ष 1984 में हुई भीषण गैस त्रासदी के दौरान मरीजों क इलाज में उनकी बड़ी भूमिका थी।

चिकित्सकों को भी यह जानकारी नहीं थी कि घातक मिथाइल आइसासाइनाइड गैस के दुष्‍प्रभाव इलाज कैसे करना है। तब उन्होंने अमेरिका और दूसरे देश के डॉक्टरों से बात कर गैस के बारे में इलाज पूछा था। वह लगातार 2 से 3 दिन तक बिना सोए वह मरीजों के इलाज में जुटे रहे।

डॉ अवध किशोर जड़‍िया छतरपुर जिले के हरपालपुर के हैं। हरपालपुर निवासी बुंदेली कवि हैं अवध किशोर जड़िया।डॉ एन पी मिश्रा को मरणोपरांत यह सम्मान मिला है। वह भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज के डीन पद से रिटायर हुए थे। चिकित्सा सेवा में उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। सितंबर 2021 में उनका निधन हुआ था।

naidunia

पदम श्री पुरस्कार मिलने की घोषणा की जानकारी प्राप्त होते ही सागर जिले में अंतर्राष्‍ट्रीय राई नर्तक रामसहाय पांडे के घर उनके कई साथी पहुंचे।

Hot this week

भोपाल में झमाझम बारिश: भीषण गर्मी से मिली राहत, कई इलाकों में भरा पानी

​भोपाल। राजधानी में शनिवार को अचानक मौसम का मिजाज...

भोपाल के ऐशबाग में रिटायर्ड दंपती की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी

​भोपाल: ऐशबाग के सुदामा नगर इलाके में दिल दहला...

बसों में तोड़फोड़ और अवैध वसूली का आरोप, बस संचालकों ने पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार

​इंदौर: शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पांच बसों...

भोपाल: कुशाभाऊ ठाकरे अस्पताल में भर्ती किसान ने बाथरूम में दी जान

​भोपाल। शहर के कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित कुशाभाऊ ठाकरे...

Topics

भोपाल में झमाझम बारिश: भीषण गर्मी से मिली राहत, कई इलाकों में भरा पानी

​भोपाल। राजधानी में शनिवार को अचानक मौसम का मिजाज...

भोपाल: कुशाभाऊ ठाकरे अस्पताल में भर्ती किसान ने बाथरूम में दी जान

​भोपाल। शहर के कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित कुशाभाऊ ठाकरे...

भोपाल: ऐशबाग में रिटायर्ड दंपती की संदिग्ध मौत, घर से आ रही थी बदबू

​भोपाल। शहर के ऐशबाग थाना क्षेत्र के सुदामा नगर...

सागर: बीएमसी में बड़ी लापरवाही, नर्स की चूक से मरीज की मौत; जांच के आदेश

​सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में इलाज के दौरान...

भोपाल: विधायक पुत्र से मारपीट मामला, अब दूसरे पक्ष ने पुलिस पर उठाए सवाल

​भोपाल। अरेरा हिल्स स्थित एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img