बैतूल: बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में हुए 1.14 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शैलेंद्र सोनी, मिथिलेश सोनी और मयंक सोनी के रूप में हुई है।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस धोखाधड़ी में एक नाबालिग का इस्तेमाल किया गया था। आरोपियों ने खाताधारकों की बैंकिंग जानकारी का दुरुपयोग कर उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदल दिए और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर ली। इस मामले में बोरदेही थाने में छह अलग-अलग केस दर्ज हैं।
इन खातों में ट्रांसफर हुई रकम
पुलिस के अनुसार, धोखाधड़ी की यह रकम कई खातों में भेजी गई थी:
- मयंक सोनी: 1,45,800 रुपए
- शैलेंद्र सोनी: 1,50,000 रुपए
- मिथिलेश सोनी: 61,000 रुपए
- शीला गोखे (सहायक प्रबंधक की मां): 17,15,144 रुपए
- लुकेश गोखे (सहायक प्रबंधक): 1,78,000 रुपए
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घोटाले में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जब्त कर लिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी की रकम का कहां-कहां इस्तेमाल हुआ और इसमें कौन-कौन अन्य लोग शामिल हैं।



