उज्जैन। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने उज्जैन और मंदसौर क्षेत्र में चल रहे एक बड़े संगठित बीमा घोटाले का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के एजेंटों, पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से करीब 8 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया। EOW ने सरपंच, सचिव और बीमा एजेंटों सहित कुल 40 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है।
साजिश: मुर्दों के नाम पर पॉलिसी और फर्जी क्लेम
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बेहद शातिराना तरीके से पहले से बीमार या मृत व्यक्तियों के नाम पर बीमा पॉलिसियां जारी करवाईं। इसके बाद सरपंच और सचिव की मदद से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए गए और बीमा कंपनी में क्लेम ठोक दिया गया। कुल 27 पॉलिसियों में गड़बड़ी मिली है, जिनमें से 8 मामलों में तो मृत व्यक्तियों को जीवित बताकर पॉलिसी ली गई थी।
ये बने आरोपी
EOW ने इस जालसाजी में शामिल 14 बीमा एजेंटों, 5 पंचायत पदाधिकारियों (सरपंच, सचिव व सहायक सचिव) और 21 नॉमिनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में महिदपुर के ग्राम आलाखेड़ा, पालखंदा और धुरेरी के पंचायत कर्मी शामिल हैं।
इन धाराओं में हुई कार्रवाई
सभी आरोपियों पर आईपीसी की धारा 417, 420, 467, 468, 471, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत शिकंजा कसा गया है। मामले की गहराई से जांच जारी है, जिससे कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।




