भोपाल। शिवपुरी जिले की पिछोर सीट से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के तेवर अब ठंडे पड़ गए हैं। IPS अधिकारी और करैरा के SDOP डॉ. आयुष जाखड़ को सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहने और धमकाने के मामले में घिरे विधायक ने आखिरकार अपने व्यवहार पर खेद जताया है।
बंद कमरे में हुई खिंचाई
मामले के तूल पकड़ने और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होने के बाद भाजपा संगठन ने इसे गंभीरता से लिया था। गुरुवार को भोपाल स्थित सीएम हाउस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विधायक लोधी को तलब किया। बंद कमरे में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में संगठन की ओर से उन्हें सख्त हिदायत दी गई। पार्टी की नाराजगी को देखते हुए विधायक के सुर पूरी तरह बदल गए।
बेटे के जुलूस पर थे आहत
मीडिया से चर्चा करते हुए प्रीतम लोधी ने कहा कि वे अपने बेटे दिनेश लोधी का पुलिस द्वारा जुलूस निकाले जाने से काफी आहत थे, जिसके कारण आवेश में आकर उनके मुंह से गलत शब्द निकल गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भाजपा के सच्चे सिपाही हैं और उनका परिवार जनसंघ के जमाने से पार्टी से जुड़ा है।
जांच में सहयोग का वादा
विधायक ने मुख्यमंत्री को एक पत्र सौंपकर आश्वासन दिया है कि वे अपने बेटे के खिलाफ चल रही पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा, “अगर मेरी बातों से किसी अधिकारी को ठेस पहुंची है, तो मैं उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं। भविष्य में पार्टी की गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखूंगा।”




