जिन्हें मकान मिल गए हैं, वे अपने वहां शिफ्ट हो जाएंगे तो आधे से ज्यादा झुग्गियां तो वैसे ही मुक्त हो जाएंगी। देखने में आता है कि झुग्गी वाले लोगों को मकान तो मिल जाते हैं, लेकिन वे किराए पर दे देते हैं। फिर अन्य जगह पर झुग्गी पर रहने लगते हैं।’
मंगलवार को भोपाल के स्मार्ट सिटी ऑफिस में महापौर हेल्पलाइन की समीक्षा करने पहुंची महापौर मालती राय ने यह बात कहीं। झुग्गी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सपना है कि भोपाल में सर्वे कराकर जिस जगह पर झुग्गी बनी है, उस जगह पर पक्के निर्माण करके लोगों को मकानों में शिफ्ट करें। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि भोपाल की जनता पक्के मकानों में रहे। बैठक में बातचीत हुई है। इसका प्लान बना रहे हैं। इसके बाद जल्द ही अमल में लाएंगे।
कई प्राइम लोकेशन पर झुग्गियां भोपाल में चाहे राजभवन से सटे इलाके में 17 एकड़ में फैली रोशनपुरा बस्ती हो या बाणगंगा, भीमनगर, विश्वकर्मा नगर जैसी टॉप 8 झुग्गी बस्तियां। ये सभी शहर के बीच प्राइम लोकेशंस पर करीब 300 एकड़ में फैली हैं। इनके अलावा राहुल नगर, दुर्गा नगर, बाबा नगर, अर्जुन नगर, पंचशील, नया बसेरा, संजय नगर, गंगा नगर, बापू नगर, शबरी नगर, ओम नगर, दामखेड़ा, उड़िया बस्ती, नई बस्ती, मीरा नगर जैसी कुल 388 बस्तियां शहर में हैं। इन सबकी जमीन का हिसाब लगाएं तो यह करीब 1800 एकड़ के आसपास बैठती है। इनमें से ज्यादातर पॉश इलाकों में ही हैं।
महापौर हेल्पलाइन में सबसे ज्यादा स्ट्रीट डॉग्स की शिकायतें स्मार्ट सिटी के ऑफिस में महापौर हेल्पलाइन की समीक्षा भी की गई। इसमें डेढ़ हजार से ज्यादा शिकायतें स्ट्रीट डॉग्स को लेकर थी। सीवेज, अतिक्रमण, बिल्डिंग परमिशन, गोवर्धन परियोजना आदि को लेकर भी ढेरों शिकायतें पेंडिंग हैं।
लोगों को भी कॉल किया महापौर ने अफसरों के साथ शिकायत करने वाले लोगों को भी कॉल किया। कई लोगों से पूछा कि उनकी समस्या का निराकरण हुआ या नहीं। इसके बाद उन्होंने संबंधित शाखा के अधिकारी से भी बात की।
इन नंबर पर कर सकते हैं शिकायत स्ट्रीट लाइट, स्ट्रीट डॉग्स, सीवेज, सफाई समेत निगम से जुड़ी अन्य समस्याएं हैं तो आप भी निगम को कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए महापौर हेल्पलाइन नंबर-155304 पर कॉल करना होगा।




