भोपाल वन अधिकार समिति की मीटिंग मंगलवार को कलेक्टोरेट में हुई। इसमें 40 से 50 साल पुराने कब्जाधारियों को पट्टा देने के प्रस्ताव पर बात हुई। जिपं सदस्य विनय मेहर, बिजिया राजौरिया, गंगा मालवीय ने अफसरों से कहा कि जिला पंचायत में प्रस्ताव पास करके भेजेंगे। इसके बाद सरकार स्तर पर प्रक्रिया की जाए।
बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों ने भूमिहीनों और ग्रामीणों को पट्टे देने की बात कही। सदस्य मेहर ने कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्र में सैकड़ों लोग भूमि विहीन है। जो लोग 50 साल से जिस भूमि पर काबिज है, उन्हें उनकी काबिज भूमि का पट्टा देना चाहिए। जिससे कि वह उसके परिवार का पालन पोषण कर सके। साथ ही उसे सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। यदि उसे पट्टा मिलता है तो सरकार की योजनाओं का लाभ भी मिल सकता है।

अफसर बोले- ज्यादा साल कब्जा वाले को मिल सकता है पट्टा जनप्रतिनिधियों के इस प्रस्ताव पर अधिकारियों ने कहा कि जो 75 वर्ष से कब्जाधारी है, उसे पट्टे का लाभ मिल सकता है। जिस पर सदस्य मेहर ने कहा कि एक प्रस्ताव बनाकर शासन को कलेक्टर के माध्यम से भेजें। ताकि 40 से 50 वर्ष से काबिज व्यक्ति को पट्टे का लाभ मिल सके। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि जिला पंचायत में प्रस्ताव को पास कर हमें भेजें। हम प्रक्रिया को आगे बढ़ा देंगे।
एडीएम को ज्ञापन भी सौंपा
जिपं सदस्यों ने एडीएम अंकुर मेश्राम को एक ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें ग्राम पंचायत केकड़िया में मूलभूत समस्याओं के बारे में बताया गया। यहां श्मशान घाट वन विभाग की भूमि पर स्थित है। बताया कि वन भूमि होने के कारण पक्का निर्माण नहीं हो पा रहा है। बारिश के समय अंतिम संस्कार करने में असुविधा होती है। इसलिए घाट को पक्का किया जाए। इसके अलावा 50 से ज्यादा परिवारों को भू-अधिकार पट्टा दिया जाए। ग्राम रसूलिया में अधिकतर बंजारा समाज निवास करता है। जिनका श्मशान घाट वर्षों से कच्चा है। यह भी पक्का नहीं हो रहा है। सदस्य मेहर ने मांग उठाई कि जो लोग जहां निवास कर रहे हैं और किसी कारणवश उनके पास कागज नहीं है, उन्हें भी वहां पर रहने का अधिकार दिया जाए।




