नीट काउंसलिंग प्रक्रिया के बीच इन दिनों मेडिकल सीटों में दाखिला दिलाने के लिए मोबाइल पर छात्रों व पालकों को आफर आ रहे हैं। फर्जी काल के माध्यम से छात्रों को कम रैंक होने पर भी सरकारी से लेकर बड़े प्राइवेट कालेज में दाखिले की बात कही जा रही है। इसके लिए बकायदा 15 लाख से 50 लाख तक या इससे अधिक की डिमांड की जा रही।
जानकारी के मुताबिक राज्य में हर दिन सैकड़ाें छात्रों को इस तरह के फोन काल आ रहे हैं। बता दें कि फर्जी काल करने वाले के पास नीट के अभ्यर्थियों की पूरी जानकारी उपलब्ध होती है। इसलिए यह सुनकर कई छात्र झांसे में भी आ जाते हैं। ऐसे में चिकित्सा विशेषज्ञों ने नीट का डाटा केंद्रीय व राज्य स्तर पर गिरोहों को बेंचे जाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय स्तर पर जांच की भी मांग की है।
कोचिंग संचालकों पर बना रहे दबाव
राजधानी में नीट की कोचिंग कराने वाले संस्थानों के मुताबिक कोचिंग संचालकों को भी छात्रों को दाखिले के लिए भेजने व उनका साथ देने की बात कही जाती है। गिरोह के पास बकायदा सभी कालेजों में दाखिले की रेट लिस्ट होती है। गौर करने वाली बात यह है कि यह काल वाट्सएप नंबर पर आते हैं। साथ ना देने पर कोचिंग की गूगल रेटिंग भी खराब करते हैं।
इस तरह आए काल
केस-1 : रायपुर के नीट अभ्यर्थी आरती श्रीवास्व के पास आए काल में 15 लाख रुपये में सरकारी कालेज में दाखिला दिलाने की बात कही। काल में दावा किया गया कि उनकी पहुंच डीएमई आफिस में हैं। मापअप राउंड में सीटें उन्हें जुगाड़ से दिला देंगे।
केस-2 : नीट में 5600 रैंक पाने वाले भिलाई निवासी सामान्य श्रेणी के छात्र को 35 लाख रुपये में राज्य के सरकारी कालेज में दाखिला दिलाने का आफर दिया गया। काल वाट्सएप पर आया। इसलिए रिकार्ड नहीं किया जा सका।
किसी तरह के प्रलोभन में न आएं
मेडिकल सीटों का आवंटन नियमानुसार काउंसलिंग की प्रक्रिया से मेरिट आधार पर किया जाता है। यह पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया है। दाखिले को लेकर किसी तरह के प्रलोभन में ना आएं। छात्र व उनके पालक जागरूक रहें।
-डा. विष्णु दत्त, संचालक, चिकित्सा शिक्षा विभाग
गिरोह राज्य के साथ पूरे देश में फैला
मेडिकल सीट दिलाने के नाम पर हमारे कोचिंग में कई फर्जी काल हर दिन आते हैं। यह गिरोह राज्य के साथ पूरे देश में फैला हुआ है। हम ऐसे लोगों से परेशान हैं। सरकार से अपील है कि इसपर लगाम लगाए।
-योगेश सोनी, नीट एक्सपर्ट




