भोपाल की ऐशबाग पुलिस पर लगे जुए-सट्टे खिलाने के आरोपों के बीच क्षेत्र की महिला ने बड़ा दावा किया है। उसका आरोप है कि थाने के पुलिसकर्मी लोकेंद्र और अजय उनके पति पर जुआ और सट्टा खिलाने के दबाव बनाते थे। इस अवैध काम को शुरू करने के लिए उधार रकम भी थाने के एक पुलिसकर्मी ने ही इन दोनों के कहने पर दिया। रकम उधार देने की रजिस्टर्ड लिखापढ़ी की गई थी।
महिला ने इस लिखापढ़ी को भी वायरल किया है। इससे पहले महिला ने थाने के पुलिसकर्मियों द्वारा वसूलने के लिए उनके पति को कॉल किए जाने की ऑडियो वायरल कर दी थीं। जिसके बाद थाने के तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। इधर, डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। जांच में आए तथ्यों के आधार पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई तय करेंगे।
महिला बोली- हां पति जुआं चलाते थे पर पुलिस के कहने पर
एक सप्ताह पहले ऐशबाग पुलिस ने जवाहर कॉलोनी में रहने वाले फरहान खान को 110 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किए जाने के दावे किए थे। उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भी भेजा गया। इस कार्रवाई के बाद फरहान की पत्नी सामने आई थी। उसने दावा किया कि पति को घर से उठाकर फर्जी कार्रवाई की गई। स्टेडियम के करीब पटरी किनारे डरा धमकाकर उसे जबरन चरस पकड़ाई। इसके बाद उसका वीडियो शूट किया। जबकि इससे पहले उसे थाने के एक पुलिसकर्मी की काले रंग की स्कॉर्पियो में अलग-अलग स्थानों पर घुमाया गया था। यह वीडियो हमने बनाया था।
कार्रवाई से दो दिन पहले से लोकेंद्र, अजय और पवन रघुवंशी ने जुआ की बंदी बढ़ाने का दबाव बनाया था।
पति ने तंग आकर जुआ हमेशा के लिए बंद करने की बात उनसे कही थी। रेशमा का साफ कहना है कि हां पति तीन सालों से जुआ चला रहे थे। लेकिन पुलिस का पूरा संरक्षण था। हम लोकेंद्र और अजय को 8 हजार रुपए हफ्ता जबकि थाने के एक अधिकारी को दस हजार रुपए हफ्ता देते थे। पवन रघुवंशी को तीन हजार रुपए हफ्ता तथा अन्य को एक हजार से दो हजार रुपए तक 10 पुलिसकर्मियों को देते थे। दबाव बनाया जा रहा था कि अधिकारी को 15 हजार जबकि लोकेंद्र और अजय को दस-दस हजार रुपए दिए जाएं।

जब पति ने काम बंद करने की बात कही तो उसे जेल भेजने की धमकी एक दिन पहले कॉल पर दी गई थी। अगले ही दिन उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। हमने रिकार्डिंग वायरल की तो भाई अली अब्बास को भी जेल भेजने की धमकी दी जाने लगी। जबरन घर में घुसी पुलिस ने तीन मोबाइल फोन जब्त कर लिए। इनमें थाने के अधिकांश पुलिसकर्मियों से बातचीत की रिकार्डिंग थी। जब परेशान होकर मैने सोशल मीडिया पर केस से जुड़े तमाम सबूत वायरल करना शुरू किए तो मुझे भी झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाने लगी है। मेरे पास मौजूद रजिस्टर्ड लिखा पढ़ी की जांच कराएं। थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी ने अपनी पत्नी के नाम से यह एग्रीमेंट किया। हमें रकम उधार दी गई थी। इसी रकम से हमने जुआ कारोबार शुरू किया था।
सालों से एक ही थाने में हैं पदस्थ
लोकेंद्र और अजय लंबे समय से थाना ऐशबाग में पदस्थ हैं। लोकेंद्र का पूर्व में क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर हुआ था, इसके बाद दोबारा उसने ऐशबाग थाने में ही ट्रांसफर कराया। इसी तरह अजय भी ट्रांसफर होने के बाद ऐशबाग थाने लौट आते हैं। दोनों कई बार इस थाने से ट्रांसफर के बाद लौटे हैं।
महिला के बयान दर्ज
पुलिसकर्मियों की मिली भगत से जुआ चलाने की जांच शुरू कर दी गई है। ऐशबाग एसीपी को इस मामले की जांच सौंपी गई है। मंगलवार को पुलिस अधिकारी रेशमा के घर पहुंचे और उसके बयानों को दर्ज किया। उसने अधिकारियों को कॉल रिकार्डिंग सौंप दी है।
इसी के साथ जो पुलिसकर्मी वसूली के लिए कॉल किया करते थे, उनके नंबर भी दिए गए हैं। अब सीडीआर के आधार पर आगे कार्रवाई तय होगी। रेशमा का आरोप है कि मुख्य रूप से लोकेंद्र, अजय और पवन वसूली करते थे। उन पर तो कार्रवाई तय की नहीं, अन्य तीन को सस्पेंड किया गया है।
ऐसे प्रकाश में आया मामला
रविवार की रात को फरहान के साले अली अब्बास ने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया था। उसका आरोप था कि पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर जहर खाया है, ऐशबाग पुलिस उसे एनडीपीएस के फर्जी केस में जेल भेजना चाहती है।

लगातार वीडियो हो रहे वायरल
बीते तीन दिन से लगातार सोशल मीडिया पर ऐशबाग थाने के आस पास के वीडियो वायल हो रहे हैं। इसमें दावा किया जा रहा है कि थाने के करीब खुलेआम जुआ और सट्टा खिलाया जा रहा है। हालांकि यह वीडियो कब के हैं, न्यूज़ क्राइम फाइल इसकी पुष्टि नहीं करता है।




