जबलपुर क्राइम ब्रांच ने चार महीने से फरार कुख्यात अपराधी जीत चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध वसूली, मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसे कई संगीन अपराधों में लिप्त इस बदमाश पर पुलिस ने 17 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। जीत चतुर्वेदी अपराध को अंजाम देने के बाद फरार हो जाता था और कुछ समय बाद लौटकर फिर से वारदात करता था।
छिंदवाड़ा से नागपुर भागने की कोशिश में पकड़ा गया
क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली कि जीत चतुर्वेदी छिंदवाड़ा से नागपुर भागने की फिराक में है। टीम ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। चार महीने तक पुलिस के साथ चूहे-बिल्ली का खेल खेलने वाला यह अपराधी आखिरकार पुलिस के जाल में फंस गया।
ऐसे चलता था जीत चतुर्वेदी का आपराधिक खेल
- जीत मोबाइल कॉलिंग से बचने के लिए हमेशा इंस्टाग्राम और फेसबुक कॉल का इस्तेमाल करता था।
- नए जिलों में जाकर वहां नए लड़कों से दोस्ती करता, उनके नाम से सिम कार्ड खरीदता और फिर धमकी व अवैध वसूली करता।
- जब वह किसी जिले से बाहर जाता, तो सिम बंद कर देता, ताकि पुलिस उसे ट्रेस न कर सके।
इन अपराधों में शामिल था
- हत्या और हमला: 18 नवंबर 2024 को जबलपुर के अधारताल थाना क्षेत्र में राम चौधरी की हत्या और उसके भांजे पर जानलेवा हमला किया।
- पुराने विवाद में हमला: हनुमानताल थाना क्षेत्र में मोह. मोहनिस पर चाकू से हमला किया और कुछ दिन बाद उसकी हत्या कर दी।
- धमकी और मारपीट: मदनमहल थाना क्षेत्र में राजा तिवारी को जान से मारने की धमकी दी।
- गवाही पलटने की धमकी: गोहलपुर थाना क्षेत्र में बाबा उर्फ रामेश्वर चतुर्वेदी को गवाही बदलने के लिए धमकाया।
- फोन पर धमकी: घमापुर थाना क्षेत्र में कॉन्फ्रेंस कॉल से साहिल बेन को जान से मारने की धमकी दी।
- लूट: बरगी थाना क्षेत्र में सचिन झारिया से मारपीट कर उसकी मोटरसाइकिल लूट ली।
आधा दर्जन जिलों में काटी फरारी
चार महीने तक पुलिस को चकमा देने के लिए नैनपुर, मंडला, इंदौर, उज्जैन, धूमा और छिंदवाड़ा में शरण ली। वह ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में छिपता था और अपराध करता रहता था।
17 हजार रुपए का इनाम था घोषित
- थाना आधारताल मामले में ₹5000
- थाना गोहलपुर मामले में ₹2000
- थाना हनुमानताल मामले में ₹5000
- थाना बरगी मामले में ₹5000
क्राइम ब्रांच की टीम ने दबोचा
आरोपी को पकड़ने के लिए एएसपी प्रदीप शेंडे के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी, जिसमें थाना प्रभारी अपराध शैलेष मिश्रा, उप निरीक्षक चंद्रकांत झा, सहायक उप निरीक्षक धनंजय सिंह, प्रधान आरक्षक संजय मिश्रा, साइबर सेल के अमित पटेल सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।




