मौलाना आज़ाद नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) के कैंपस में रविवार रात करीब 11:30 बजे बड़ा हंगामा हो गया। फर्स्ट ईयर और सेकेंड ईयर के हॉस्टल के छात्रों के बीच विवाद बढ़ने पर मामला उग्र हो गया, जिसके चलते मैनेजमेंट को पुलिस बुलानी पड़ी।
स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। पुलिस के अनुसार, यह विवाद गाड़ी से टक्कर के बाद शुरू हुआ, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। वहीं, कुछ छात्रों ने पुलिस पर उनकी बात न सुनने और बदसलूकी करने के आरोप भी लगाए हैं।
एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल दुबे ने बताया कि देर रात छात्रों के बीच झगड़े की सूचना मिली थी। तुरंत ही कमला नगर थाने की पुलिस और अन्य बल को मौके पर भेजा गया, जिससे स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। फिलहाल इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
इस तरह शुरू हुआ झगड़ा
कमला नगर थाना प्रभारी निरूपा पांडे ने बताया कि रविवार देर रात सेकेंड ईयर के कुछ छात्र मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी उनकी बाइक एक फर्स्ट ईयर के छात्र से टकरा गई। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया, जो जल्द ही बढ़ गया। इसकी सूचना मिलते ही MANIT प्रबंधन ने पुलिस को बुलाया। हमारी टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया।
जानकारी के मुताबिक, फर्स्ट ईयर और सेकेंड ईयर के छात्रों के बीच पहले से ही तनाव चल रहा था। घटना के बाद बड़ी संख्या में दोनों हॉस्टल के छात्र बिल्डिंग के बाहर इकट्ठा हो गए और बहस शुरू हो गई।
पुलिस के कैंपस पहुंचते ही सबसे पहले हॉस्टल्स की चेकिंग शुरू की गई और छात्रों को वापस हॉस्टल भेजने का प्रयास किया गया। जो छात्र नहीं मान रहे थे, उन्हें नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग कर हॉस्टल में भेजा गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को पूरी तरह शांत किया गया।

जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
घटना के बाद कई छात्र संगठनों और अभिभावकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि, उनके साथ अन्याय हुआ है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है।
MANIT के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर राहुल तिवारी ने बताया कि, रविवार को संस्थान में ‘ई-समिट’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके लिए पहले से ही पुलिस और दमकल विभाग को बुलाया गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र भी मौजूद थे। इसी बीच फर्स्ट ईयर और सेकेंड ईयर के छात्रों के बीच झगड़ा हो गया।
स्थिति बिगड़ते देख हमने तुरंत फर्स्ट ईयर के छात्रों को हॉस्टल भेजा। हालांकि, सेकेंड ईयर के छात्र वापस अंदर जाने को तैयार नहीं थे। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस की मदद ली गई और बल प्रयोग कर छात्रों को हॉस्टल भेजा गया।




