गुरुवार को एक आशा कार्यकर्ता से मानदेय का 50 प्रतिशत रिश्वत मांगने के मामले में जबलपुर लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए 3300 रुपए की रिश्वत लेते हुए क्लर्क को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस की दाे दिन में यह दूसरी कार्रवाई है।
स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ क्लर्क (एलडीसी) का नाम रवि बोहत है। जिसके खिलाफ आशा कार्यकर्ता सुशीला गुप्ता ने शिकायत की थी। गुरुवार को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मोतीनाला शहरी प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र से रवि को गिरफ्तार किया। पूछताछ के लिए उसे सर्किट हाउस नंबर-2 ले गए।
मानदेय का 50% दो-फिर मिलेगा पैसा
जबलपुर में करीब 400 आशा कार्यकर्ता हैं। इन सभी को हर माह 6000 रुपए का मानदेय मिलता है। स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एलडीसी इसे जारी करता है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सुशीला गुप्ता का मानदेय जारी करने के नाम पर रवि बोहत ने रिश्वत के रूप में मानदेय की 50 प्रतिशत राशि मांगी। बीते एक सप्ताह से परेशान आशा कार्यकर्ता ने आखिरकार जबलपुर लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की। रजा चौक स्थित मकसूद स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सुशीला गुप्ता ने बताया कि प्रतिमाह करीब 6000 रुपए मानदेय मिलता है, उसमें भी अगर 50 प्रतिशत रिश्वत दे देंगे तो क्या बचेगा। आशा कार्यकर्ता की शिकायत पर लोकायुक्त एसपी संजय साहू ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए टीम का गठन किया।
आशा कार्यकर्ता सुशील गुप्ता को प्रतिमाह भुगतान पत्र के 100 रुपए और दो बच्चों के बाद टीटी ऑपरेशन की राशि 1000 रुपए मिलती है। उसमें से 50% प्रति की राशि एवं नवजात शिशु देखरेख समिति द्वारा दिए जाने वाले 100 रुपए और महिला आरोग्य समिति की राशि 5000 रुपए में से 2000 रुपए की मांग आरोपी कर रहा था। बताया यह भी जा रहा है कि मोतीनाला स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ जितनी भी आशा कार्यकर्ता हैं, सभी से रवि बोहत रिश्वत मांगता है।




