आयकर विभाग ने भोपाल में एयरपोर्ट रोड पर सफायर ग्रुप के ठिकानों और रायसेन में रायल ग्रीन्स के संचालक के यहां सर्वे की कार्यवाही शुरू की है। रायल ग्रीन्स संचालक द्वारा राइस मिल का संचालन किया जाता है। यह कार्यवाही अभी चल रही है। वहीं इंदौर जिले में दो सिविल कांट्रेक्टर्स के यहां 51 करोड़ की टैक्स चोरी निकली है। दोनों सिविल कांट्रेक्टर्स के प्रकरण में विभाग को उनके बही खातों में व्यापक अनियमितताएं मिली हैं। इंदौर में सर्वे की कार्यवाही आज ही खत्म हुई है।
आयकर विभाग इंदौर द्वारा इंदौर जिले के दो सिविल कांट्रेक्टर्स के तीन कार्यालयों में दो दिन से चल रही सर्वे की कार्यवाही आज समाप्त हो गई है। दोनों ही कांट्रेक्टर सिंचाई विभाग, सड़क, बांध वगैरह से संबन्धित ठेके लेने का काम करते हैं। दोनों सिविल कांट्रेक्टर के ठिकानों पर की गई सर्वे की कार्यवाही के दौरान दस्तावेजों को जब्त कर ट्रांजैक्शन की स्थिति की जांच की गई। साथ ही बही खातों को चेक किया गया। बही खातों की जांच के दौरान आयकर अफसरों को व्यापक अनियमितताएं मिली हैं। इसके बाद सर्वे की कार्यवाही पूरी होने पर दोनों सिविल कांट्रेक्टर की कुल 51 करोड़ से अधिक की अघोषित आय वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए घोषित कर दी गई है।
एक ठेकेदार पर 25 करोड़ और दूसरे पर 26 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी निकाली गई है। पता चला है कि ये दोनों सिविल कांट्रेक्टर एडवांस टैक्स (अग्रिम कर) के स्थान पर सेल्फ एसेसमेंट (स्व निर्धारण) कर का भुगतान कर रहे थे। इसके पहले भी आयकर विभाग द्वारा ग्वालियर, भोपाल और इंदौर में आयकर सर्वे के दौरान 51 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी निकाली जा चुकी है। प्रधान आयकर आयुक्त पुरुषोत्तम त्रिपुरी ने विभाग के अफसरों को वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पहले आयकर टैक्स चोरी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।




