भोपाल एम्स के आपातकालीन विभाग में सोमवार दोपहर एक डॉक्टर के साथ मरीज के परिजनों द्वारा कथित रूप से मारपीट और अभद्रता की गई।
घटना उस समय हुई जब 39 वर्षीय मरीज संतोष कुमार को गंभीर हालत में येलो ट्रायेज क्रिटिकल एरिया में लाया गया था। ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर मरीज की गंभीर स्थिति को परिजनों को समझा रहे थे। इसी दौरान तीन युवकों ने डॉक्टर से बहस करते हुए उन्हें गालियां दीं, गला पकड़ लिया, शर्ट फाड़ दी और चेहरे पर हमला किया।
दो आरोपी फरार, एक को पकड़ा
घटना के तुरंत बाद अस्पताल के सुरक्षा गार्ड और तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। हालांकि दो आरोपी फरार हो गए, लेकिन एक हमलावर को पकड़कर बागसेवनिया पुलिस थाने के हवाले कर दिया गया। इस संबंध में मध्यप्रदेश चिकित्सा सेवा व्यक्ति और चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा और क्षति की रोकथाम) अधिनियम, 2008 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस अधिनियम के तहत दोषियों को 3 से 5 साल की सजा और ₹50,000 से ₹2 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
‘हमारे जूनियर डॉक्टर के साथ मारपीट’ एम्स के डॉ. संजय मंडलोई ने कहा, “हमारे जूनियर डॉक्टर के साथ न सिर्फ मारपीट हुई है, बल्कि गालियां दी गई हैं। मरीज की स्थिति बेहद नाजुक थी, जिसे लेकर डॉक्टर परिजनों को समझा रहे थे। इस तरह की हिंसा अत्यंत निंदनीय है और हम संस्थान की तरफ से सख्त कार्रवाई करेंगे।

बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने कहा
हमें एम्स से घटना की सूचना प्राप्त हुई है। डॉक्टर का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे, वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




