भोपाल के आसाराम तिराहे से रत्नागिरी तिराहे तक अयोध्या बायपास के रोड चौड़ीकरण में 8000 पेड़ों को काटा जाएगा। इस प्रोजेक्ट को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) कर रही है। इन्हीं पेड़ों को बचाने के लिए विरोध प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। रविवार की शाम को बड़ी संख्या में लोग यहां जुटे। पेड़ों को रक्षासूत्र भी बांधें गए। कई बच्चे तो पेड़ों से ही चिपक गए।
प्रदर्शन में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियों के साथ वे प्रदर्शन में शामिल हैं। उनका कहना है कि पेड़ बचेंगे तो हम बचेंगे। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत काटे गए पेड़ों को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की। पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने बताया, विकास जरूरी है, पर हरियाली के साथ ऐसा नहीं होने देंगे। एनएचएआई को प्रोजेक्ट में बदलाव करना चाहिए। ताकि, प्रोजेक्ट भी पूरा हो और पेड़ भी न काटे जा सकें।
तस्वीरों में देखिये प्रदर्शन…





डॉ. राजीव जैन ने बताया कि हमें भी विकास चाहिए, लेकिन विनाश की शर्त पर नहीं चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी एक पेड़ मां के नाम और खुद सीएम मोहन इस मुहिम को चला रहे हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी स्मार्ट सिटी पार्क में रोज एक पेड़ लगाते रहे हैं। ऐसे में हम पेड़ों की कटाई नहीं होने देंगे।
10 लेन बनाया जा रहा अयोध्या बायपास बता दें कि इस रोड पर 3 ब्लैक स्पॉट हैं, जहां साल भर में 30-35 लोगों की मौत हो जाती है। इसलिए सड़क को सर्विस लेन मिलाकर 10 लेन किया जा रहा है। विरोध की आशंका को देखते हुए एनएचएआई ने हाईकोर्ट और एनजीटी में कैविएट दायर की है। ताकि न्यायालय कोई भी स्टे देने से पहले एनएचएआई का पक्ष सुने।
पेड़ों को बांध चुके रक्षासूत्र इससे पहले भी लोग प्रदर्शन कर चुके हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने रत्नागिरी तिराहे पर पहुंचकर पेड़ों को रक्षासूत्र बांधे थे। साथ ही उन्हें बचाने का संकल्प लिया था। आयोजन की अगुआई श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने की थी। उन्होंने कहा- यह सिर्फ पेड़ों की लड़ाई नहीं है, बल्कि हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। हम इन पेड़ों को कटने नहीं देंगे। गुप्ता ने खुद पेड़ों को रक्षासूत्र बांधते हुए आंदोलन की शुरुआत की थी।




