दिल्ली में अपने पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार की गई एक पत्नी को अदालत ने महज एक दिन के अंदर ही सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया। मृतक व्यक्ति एनडीएमसी का क्लास-4 कर्मचारी था। महिला ने पति द्वारा आत्महत्या करने का दावा किया था, लेकिन पोस्टमॉर्टम में गला घोंटकर हत्या करने की बात सामने आई थी।
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एक महिला को अपने 45 वर्षीय पति की कथित हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सोमवार को बताया कि महिला 6 जुलाई को अपने पति का शव अस्पताल ले गई थी। महिला ने बताया था कि उसने आत्महत्या की है, लेकिन बाद में पोस्टमॉर्टम में पता चला कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने जब महिला के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने की बात कही तो अदालत ने उसे रिहा कर दिया।
मृतक व्यक्ति को 6 जुलाई की रात उसकी पत्नी और एक पड़ोसी लोक नायक अस्पताल ले गए थे। महिला ने कथित तौर पर डॉक्टरों को बताया कि उसके पति की मौत आत्महत्या करने से हुई है। दंपती के चार बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी 21 साल, दूसरी 19 साल और तीसरी 17 साल की हैं, जबकि बेटा 8 साल का है।
अधिकारी ने कहा, “उसकी गर्दन पर बांधे जाने के निशान थे, इसलिए मौत स्वाभाविक नहीं लग रही थी। जब हमने उसकी पत्नी से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके पति ने खुद को फांसी लगा ली थी। हमने पोस्टमॉर्टम कराया। साथ ही पुलिस ने उसी रात को मृतक के घर का मुआयना किया तो घटनास्थल पर कोई फांसी लगाने का सामान या बांधे जाने का कपड़ा नहीं मिला।”
इन धाराओं में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस ने बताया कि अगले दिन पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने जांचकर्ताओं को बताया कि व्यक्ति की मौत गला घोंटने के चलते सांस नली फटने से हुई थी। ऐसा करने के लिए कम से कम दो लोगों की जरूरत थी। इसके बाद पुलिस द्वारा आईपी एस्टेट थाने में बीएनएस में धारा 103(1) (हत्या) और 3/5 (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया।
परिवार के लोग ही थे मुख्य संदिग्ध
पुलिस को पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों से पूछताछ में पता चला कि घटना वाली रात पीड़ित के घर के पास एक पार्टी हुई थी। अधिकारी ने कहा, “उस शाम कोई भी संदिग्ध व्यक्ति उनके घर में न तो आया और न ही बाहर निकला।” पुलिस ने आगे बताया कि मामले में मुख्य संदिग्ध मृतक के परिवार के सदस्य ही थे।
बच्चों के सामने किया था पत्नी का यौन शोषण
पुलिस के अनुसार, मृतक सगे संबंधियों और दूर के रिश्तेदारों से लगातार पूछताछ के बाद पता चला कि वह व्यक्ति दो दशकों से भी ज्यादा समय से अपनी पत्नी का शारीरिक शोषण कर रहा था। वह नियमित रूप से अपने बच्चों के साथ भी मारपीट करता था। उसने कथित तौर पर बच्चों के सामने भी अपनी पत्नी का यौन शोषण किया था। मृतक की 65 वर्षीय मां ने भी कहा कि उनकी बहू घरेलू हिंसा का शिकार थी और बच्चों के साथ मारपीट की गई थी।
पुलिस ने कहा, मृतक की 40 वर्षीय बहन ने भी बताया कि वह शराब के नशे में धुत रहता था। “हमारे घर छोटे हैं। झगड़े सबके सामने और अक्सर सड़क पर भी होते थे। हालांकि, हमें नहीं पता कि उसकी मौत कैसे हुई।”
सबूत मिले तो दोबारा हो सकती है गिरफ्तारी
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने शुक्रवार को मृतक की 42 वर्षीय पत्नी को गिरफ्तार कर लिया और सबूत इकट्ठा करने के लिए उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर ले लिया। हालांकि, मृतक का कथित तौर पर गला घोंटने के लिए इस्तेमाल किया गया कपड़ा या रस्सी नहीं मिली। पुलिस ने बताया कि शनिवार को पुलिस ने महिला को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर उसके खिलाफ सबूत मिलते हैं तो उसे फिर से गिरफ्तार किया जा सकता है।




