अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने पति की नृशंस हत्या करने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाते हुए कहा कि “एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि अनैतिक संबंधों के कारण हत्याओं की दर में लगातार वृद्धि हो रही है।’
यह मामला 29 मार्च 2019 की रात का है, जब पत्नी फिरोजा बी ने अपने प्रेमी मुन्ना के साथ मिलकर पति बबलू को एक सुनसान स्थान पर बुलाकर हमला कर दिया। दोनों ने मृतक पर लगातार 23 वार किए थे और हत्या के बाद शव को बोरे में भरकर झलारिया क्षेत्र के खाली प्लॉट में फेंक दिया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गंगाचरण दुबे की कोर्ट के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई थी। पुलिस की ओर से अधिवक्ता योगेश जायसवाल ने पैरवी की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों की चेटिंग, टॉवर लोकेशन को आधार बनाकर चालान पेश किया था। इसके अलावा 18 सबूत भी पेश किए थे। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि “एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि अनैतिक संबंधों के कारण हत्याओं की दर में लगातार वृद्धि हो रही है।’
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गंगाचरण दुबे ने कहा कि अपराध का कोई धर्म, जाति या लिंग नहीं होता और न्यायिक प्रणाली को सभी अपराधियों के प्रति एक समान दृष्टिकोण रखना चाहिए। ऐसे मामलों में न्यायिक उदारता नहीं बरती जा सकती।
4000 सेकंड की बातचीत मिली पुलिस को जांच में मुन्ना और फिरोजा के बीच 4000 सेकंड की बातचीत भी पता चली। हत्या वाली रात को भी मृतक, उसकी पत्नी और प्रेमी की टॉवर लोकेशन एक ही जगह मिली थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों के बयान आपस में मेल नहीं खाए। पत्नी ने कहा कि घटना वाली रात वह अपने देवर से बात कर रही थी, जबकि प्रेमी ने किसी और से बात करने की बात कही।




