मध्यप्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने भोपाल के कारोबारी दिलीप गुप्ता और उनकी कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज की है। गुप्ता ने निवेशकों से फर्जी तरीके से 35.37 करोड़ रुपए हड़पे हैं। दिलीप गुप्ता और उनकी कंपनियां मेसर्स डीजी मिनरल्स प्रा. लि. और मेसर्स श्री मां सीमेंटेक प्रा. लि. ने निवेशकों को 10 रुपए के शेयर को 12 हजार 972 रुपए में बेचकर धोखा दिया।
इसके साथ ही, निवेशकों से ऊंचे फायदे का लालच देकर उनकी पारिवारिक संपत्तियां भी गिरवी रखवा दीं, साथ ही बंद खातों से चेक जारी किए। फरियादी विनीत जैन और उनकी माता लता जैन ने दिलीप गुप्ता के झांसे में आकर अपनी संपत्तियां गिरवी रख दीं। बैंकों से लोन लेकर पूरी राशि गुप्ता के खाते में ट्रांसफर कर दी।
उन्होंने बिल्डिंग क्रमांक 275, एम.पी. नगर, भोपाल से ICICI बैंक से 2.75 करोड़ रुपए का लोन लिया। साथ ही, दूसरी बिल्डिंग क्रमांक 162, एम.पी. नगर से PNB हाउसिंग फाइनेंस से 4.45 करोड़ रुपए का लोन लिया। इन लोन की पूरी राशि दिलीप गुप्ता को दी गई।
इस तरह दिया गया वारदात को अंजाम
गुप्ता ने 10 रुपए के शेयर को 12,972 रुपए में बेचकर निवेशकों को धोखा दिया और उनकी संपत्तियां गिरवी रखवा दीं। शिकायतकर्ता विनीत जैन ने आरोप लगाया कि गुप्ता ने उन्हें भारी मुनाफे का झांसा देकर बैंक लोन लेने पर मजबूर किया।
गुप्ता ने फर्जी चेक और कागजात तैयार कर धोखाधड़ी की। EOW ने गुप्ता और उनकी कंपनियों के खिलाफ धारा 1208, 420, 467, 468, 471 के तहत FIR दर्ज की है और जांच की जा रही है।




