कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के बाद शुक्रवार को भोपाल जिला प्रशासन की बैठक हुई। इसमें कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अफसरों को कॉन्फ्रेंस के बारे में जानकारी दी। कहा कि राजधानी के डेवलपमेंट को लेकर इंटीग्रेटेड प्लान बनेगा। जिसे जल्द तैयार करें। शाम को पटाखा विक्रय को लेकर भी बैठक हुई। इसमें सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही पटाखों का विक्रय करने की बात कही गई।
कलेक्टर सिंह ने बताया कि भोपाल में विभागवार समन्वित विकास कार्ययोजना (इंटीग्रेटेड प्लान) तैयार की जाएगी। इसमें सड़कों, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शहरी एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को एकीकृत रूप में समाहित किया जाएगा। उन्होंने कहा, प्रत्येक विभाग जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करें और फील्ड स्तर पर व्यावहारिक प्लान बनाए। विकास के हर चरण में गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला शक्ति को केंद्र में रखा जाएगा। ताकि योजनाओं का लाभ सीधे समाज के इन प्रमुख वर्गों तक पहुंचे।
कृषि-पशुपालन पर भी फोकस कलेक्टर सिंह ने कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग को संयुक्त प्लान तैयार करने को कहा। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, धार्मिक स्थलों के आसपास फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्लान बने। अगले 10 दिन में सभी विभाग अपने-अपने नवाचार और प्राथमिकताएं तय कर लें।
टीम भावना से काम करें अफसर कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ, डीएफओ और अन्य विभागीय अधिकारियों को मिलकर टीम भावना से कार्य करने को कहा। अधिकारी अनिवार्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम करें। ताकि योजना के वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सके और जनता से सीधा संवाद स्थापित हो।




