भोपाल के पुष्पा नगर स्थित पातरा नाले में मंगलवार दोपहर मिली बुजुर्ग की लाश की शिनाख्त कर ली गई है। मौत से पहले उसका आखरी वीडियो मिला है। काजीकैंप के एक युवक से बुजुर्ग ने दो हजार रुपए लिए थे। इसके बाद रहस्यमय हालात में लापता हो गए। मृतक के बेटे का आरोप है कि कुछ लोगों से पिता को उधार दी रकम लेना थी। इन्हीं पर हत्या का शक है।
बुधवार दोपहर को परिजनों की मौजूदगी में बॉडी का पीएम गांधी मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में कराया जा रहा है। 18 अक्टूबर को मृतक की गुमशुदगी हनुमानगंज थाने में परिजनों ने दर्ज कराई थी। जबकि शव मिलने के बाद अशोका गार्डन थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है और हत्या का केस दर्ज किया जा रहा है।
बेटा बोला कई लोगों से पिता को पैसा लेना था
जानकारी के मुताबिक सईद रशीदी पिता सगीर रशीदी (64) सईद कॉलोनी थाना निशातपुरा क्षेत्र के रहने वाले थे और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। उनके बेटे नासिर खान ने बताया कि 17 अक्टूबर को पिता अपनी बाइक से काजीकैंप गए थे। यहां उन्होंने शाम के समय आमिर कबाब नाम के युवक से मुलाकात की। उससे मुलाकात से पहले पिता सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं, लेकिन मुलाकात के बाद उसी रास्ते से लौटते नहीं दिखे हैं।

रातभर नहीं लौटे तो अगले दिन 18 अक्टूबर को हमने थाने में शिकायत की। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की। मंगलवार को एक बॉडी पुष्पा नगर नाले में मिली। शाम के समय हमें शिनाख्त करने के लिए मर्चुरी बुलाया गया। मैंने कपड़ों और चेहरा देखकर उनकी शिनाख्त कर ली। पिता के गले को धारदार हथियार से रेता गया है। उनके सीने पर चाकू घोंपा गया है। इसी के साथ बॉडी के अन्य हिस्सों पर भी चोटों के निशान हैं।
पिता की किसी से कोई रंजिश नहीं थी, उनकी गाड़ी काजीकैंप के शीबा पेट्रोल पंप पर खड़ी मिली है। सोनी और गुड्डू सहित अन्य कुछ लोगों से पिता का लेन-देन था। इनसे पिता को पैसा लेना था, संभव है कि रकम न देने के लिए इन्हीं लोगों ने पिता की हत्या की और शव को बोरे में बंद कर नाले में फैंक दिया। हालांकि पुलिस मामले की सभी एंगल पर जांच कर हरी है।

राहगीर ने दी थी पुलिस को सूचना
मंगलवार को तेज बदबू आने के बाद पुष्पा नगर में रहने वाले आदिल खान ने नाले के करीब जाकर देखा। जहां उन्हें एक प्लास्टिक के बोरे में पैक लाश दिखी, जिसकी सूचना उन्होंने तत्काल स्थानीय अशोका गार्डन पुलिस को दी थी। अशोका गार्डन पुलिस का कहना है कि घटना स्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं है। लिहाजा शव को फेंकने वालों को नहीं देखा जा सका है। तकनीकी जांच और कमरों की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।




