नर्मदापुरम | जहां एक ओर डिजिटल युग बच्चों के लिए ज्ञान के द्वार खोल रहा है, वहीं साइबर अपराधों का खतरा भी तेज़ी से बढ़ा है। इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए, नर्मदापुरम पुलिस ने ‘मुस्कान विशेष अभियान’ के तहत स्कूलों में जागरूकता को अपनी रणनीतिक प्राथमिकता बनाया है।
आज, नर्मदा विद्या निकेतन में आयोजित एक विशेष सत्र में, एसडीओपी जितेंद्र पाठक ने बच्चों को साइबर अपराधों की दुनिया से आगाह किया। उनके व्याख्यान का मुख्य केंद्र बिंदु अश्लील चित्रण, वीडियो और फोटो के माध्यम से होने वाली ब्लैकमेलिंग था, जो टीनएजर्स के बीच एक उभरता हुआ खतरा है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि कैसे वे ऑनलाइन सुरक्षित रह सकते हैं और ऐसे मामलों में बिना डरे तत्काल पुलिस या हेल्पलाइन से संपर्क करें।
पाठक ने पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों को भी सरल भाषा में समझाया, जिससे बच्चों को पता चल सके कि उनके खिलाफ होने वाले किसी भी यौन अपराध के लिए कानून कितना सख्त है। पुलिस अधिकारियों द्वारा बच्चों के बीच जाकर सीधे संवाद स्थापित करने का यह तरीका, उन्हें कानून के प्रति भरोसा दिलाने और भयमुक्त वातावरण में अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित करने का एक सराहनीय कदम है। यह कार्यक्रम सिर्फ बच्चों को जानकारी देने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्हें महिला हेल्पलाइन 1090 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसे सुरक्षा साधनों से भी परिचित कराया गया। पुलिस की यह पहल, बढ़ते डिजिटल खतरों के खिलाफ बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।






