ग्वालियर में रिटायर्ड आबकारी (एक्साइज) विभाग की महिला अधिकारी के बैंक खाते से साइबर ठगों ने तीन लाख रुपए पार कर दिए। हैरानी की बात यह है कि न तो उनके पास कोई कॉल आया, न मैसेज और न ही उनका मोबाइल फोन बंद हुआ। घटना 25 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच की बताई जा रही है।
ठगी का खुलासा तब हुआ जब बैंक मैनेजर ने मिनिमम बैलेंस न होने पर कॉल कर जानकारी दी। जब महिला अधिकारी ने अकाउंट चेक किया तो उसमें एक भी रुपया नहीं था। इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक पहुंचकर जानकारी ली, जहां पता चला कि वे साइबर फ्रॉड की शिकार हो गई हैं।
रविवार को महिला की शिकायत पर अब क्राइम ब्रांच साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मैनेजर ने कॉल किया तो पता चला
जनकगंज स्थित नागदेव गली, जीवाजीगंज निवासी हर्षा आहुजा, पत्नी श्याम आहुजा आबकारी विभाग से रिटायर्ड अधिकारी हैं। उनका बैंक खाता यूनियन बैंक में है।
सितंबर महीने में उनके पति की तबीयत खराब होने पर वे उन्हें लेकर अस्पताल गई थीं। उसी दौरान यूनियन बैंक के मैनेजर का फोन आया कि उनके खाते से रुपए निकाले जा चुके हैं और खाते में शून्य बैलेंस है।
इसके बाद हर्षा आहुजा ने क्राइम ब्रांच साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
इस तरह निकाले गए रुपए
बैंक से मिली जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच हर्षा आहुजा के खाते से क्रमवार इस तरह राशि निकाली गई।
- पहली बार ₹1.20 रुपए की टेस्ट ट्रांजेक्शन,
- इसके बाद ₹50,000, ₹49,900, ₹50,000, ₹49,900, ₹50,000 और ₹49,900 रुपए- कुल मिलाकर ₹3 लाख रुपए की निकासी हुई।
सभी ट्रांजेक्शन यूपीआई (UPI) के माध्यम से किए गए हैं।
पीड़िता बोलीं- न लिंक क्लिक किया, न OTP शेयर किया
हर्षा आहुजा ने पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं किया, न किसी को OTP बताया और न ही बैंक से संबंधित कोई जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें किसी अज्ञात कॉल या संदेश के माध्यम से भी कोई जानकारी नहीं मांगी गई थी। उनका मानना है कि ठगी की रकम यूपीआई सिस्टम के जरिए निकाली गई है।
पुलिस बोली- जांच में स्पष्ट होगा फंड ट्रांसफर का तरीका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिटायर्ड आबकारी अफसर के खाते से लगभग तीन लाख रुपए निकाले गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता का कहना है कि उन्होंने कोई गलती नहीं की, लेकिन बिना किसी चूक के रुपए निकलना संभव नहीं होता।
मामले की जांच जारी है और बैंक और यूपीआई ट्रांजेक्शन की टेक्निकल रिपोर्ट मांगी गई है।




