मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में सायबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। ग्वालियर, नीमच, देवास और बैतूल जैसे जिलों में पुलिस ने संगठित गिरोहों को ध्वस्त करते हुए करोड़ों रुपये की ठगी और अवैध ट्रांजैक्शन का खुलासा किया है।
ग्वालियर: बैंक खाते बेचकर चीन-नाइजीरिया भेजी जा रही थी रकम
ग्वालियर सायबर क्राइम विंग ने ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ (किराये के खाते) खरीदने-बेचने वाले एक बड़े गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि एक एमपी ऑनलाइन कियोस्क संचालक की मदद से ये खाते खोले जाते थे। ठगी की रकम को क्रिप्टो करेंसी (USDT) में बदलकर नाइजीरिया और चीन भेजा जा रहा था। पुलिस ने इनके पास से 84 एटीएम कार्ड और 9 मोबाइल जब्त किए हैं।
नीमच: 7 मिनट की फुर्ती ने बचाए 60 लाख रुपये
नीमच सायबर सेल ने गजब की तत्परता दिखाते हुए एक बुजुर्ग दंपति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ होने से बचा लिया। ठग दिल्ली पुलिस कमिश्नर बनकर उन्हें डरा रहे थे। पुलिस ने ऐन वक्त पर पहुंचकर दंपति के 60 लाख रुपये डूबने से बचा लिए।
अन्य जिलों में बड़ी कार्रवाई:
- देवास: ‘ऑपरेशन सायबर’ के तहत 12 आरोपी गिरफ्तार। 3 महीने में 7.5 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा।
- बैतूल: फर्जी फर्मों के नाम पर करंट अकाउंट खोलकर 10 करोड़ का सट्टा और फ्रॉड चलाने वाले 9 आरोपी धरे गए।
- उज्जैन: फर्जी सिम कार्ड सप्लाई करने वाला 10 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार। पुलिस की अपील: लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम या सिम किसी को न दें। ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी धमकी से न डरें, क्योंकि पुलिस कभी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती। किसी भी ठगी की सूचना तुरंत 1930 पर दें।




