जयप्रकाश चिकित्सालय (जेपी अस्पताल), भोपाल में मरीजों को फफूंद लगी दवाइयां दिए जाने के मामले को लेकर सोमवार को मध्यप्रदेश यूथ कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव धनंजी गिरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को उजागर करते हुए दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान फफूंद लगी दवा को साक्ष्य के रूप में पेश किया गया और प्रतीकात्मक रूप से कांच का आइना दिखाकर सिस्टम की सच्चाई सामने रखी गई।यूथ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, ताकि गरीब और आम मरीज सरकारी अस्पतालों से भरोसा खो दें और निजी अस्पतालों की ओर मजबूर हों। सीएमओ की अनुपस्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई गई।

साजिश के तहत निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाने का आरोप
प्रदेश सचिव अनिकेत द्विवेदी ने कहा कि फफूंद लगी दवाइयां देना महज लापरवाही नहीं, बल्कि साजिश का हिस्सा है। उनका आरोप है कि जानबूझकर सरकारी अस्पतालों की छवि खराब की जा रही है, ताकि मरीज वहां जाना बंद कर दें और मजबूरी में निजी अस्पतालों में इलाज कराएं। इससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और निजी अस्पतालों को सीधा फायदा मिलेगा।
प्रदर्शन के दौरान सीएमओ की अनुपस्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई गई। यूथ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब इतना गंभीर मामला सामने आया है, तब जिम्मेदार अधिकारी का मौके पर मौजूद न होना उनकी जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। बाद में सीएमएचओ के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा गया।
नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
धनंजी गिरी ने कहा कि जेपी अस्पताल में मरीजों को फफूंद लगी दवाइयां देना बेहद गंभीर अपराध है। अगर दोषियों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो यूथ कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। अमन पठान ने कहा कि सरकारी अस्पताल गरीबों की आखिरी उम्मीद होते हैं, लेकिन यहां इलाज के नाम पर जहर दिया जा रहा है।
एनएसयूआई इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। इसे भ्रष्टाचार का नतीजा बताते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में और बड़ी घटनाएं होंगी।




