इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बने टैंकों की निगरानी और सफाई के लिए अभियान चलाया जाएगा। स्वच्छ जल अभियान प्रदेश में दो चरण में चलेगा।
हर मंगलवार को जिले में जल सुनवाई की जाएगी। निराकरण के लिए आवेदन करने वालों को अलग से जानकारी देना होगी। अगर कोई अफसर लापरवाही करेगा तो उस पर सख्ती से कार्यवाही की जाएगी। रोबोट से पाइप लाइन लीकेज की जांच की जाएगी।
ये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए हैं। वे शनिवार को भोपाल के समत्व भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) से बैठक कर रहे थे। इस दौरान जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के लिए ‘स्वच्छ जल अभियान’ शुरू किया है। इसमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल भी वीसी से जुड़े।
इनके अलावा सभी नगर निगम महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर, कलेक्टर, कमिश्नर नगर निगम, सीईओ जिला पंचायत एवं नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान बताया कि जल सुनवाई से आम जनता को सुनवाई का हक मिलेगा और साफ पेयजल की सुनिश्चितता बनेगी।




