इंदौर की संयोगितागंज पुलिस ने प्लॉट दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले में नगर निगम के एक मस्टरकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपी पर अलग-अलग कॉलोनियों में नगर निगम की योजना के तहत सस्ते प्लॉट दिलाने का झांसा देकर करीब 31 लाख रुपए की ठगी करने का आरोप है।
संयोगितागंज पुलिस के मुताबिक पारसी मोहल्ला निवासी प्रदीप रायकवार की शिकायत पर शैलेन्द्र उर्फ चीकू पुत्र प्रदीप दीक्षित के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी नगर निगम में मस्टरकर्मी के पद पर कार्यरत है और कॉलोनी में रहने के कारण उसका बचपन का परिचित भी है।
अगस्त 2023 में प्रदीप ने शैलेन्द्र से परिवार के लिए प्लॉट खरीदने की बात कही थी। इस पर आरोपी ने बिचौली मर्दाना क्षेत्र के पास एक कॉलोनी में 600 वर्गफीट का प्लॉट होना बताया। इसकी कीमत 4200 रुपए प्रति वर्गफीट बताई गई, लेकिन नगर निगम की गरीबी रेखा वाली योजना के तहत 2100 रुपए प्रति वर्गफीट में प्लॉट दिलाने का भरोसा दिलाया।
प्लॉट दिखाने और प्रक्रिया के नाम पर आरोपी अलग-अलग किश्तों में रुपए लेता रहा, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिलाया। आरोप है कि इस दौरान उसने प्रदीप रायकवार के दस्तावेज और एक कार भी ले ली, जिसे बिना किश्त चुकाए पलासिया क्षेत्र के एक व्यक्ति के पास गिरवी रख दिया।
पुलिस को युनुस खान निवासी उषागंज छावनी, बनवीर चौहान और आशा चौहान की ओर से भी शिकायतें मिली हैं। इन सभी ने बताया कि आरोपी ने प्लॉट की खरीदी-बिक्री के नाम पर उनसे भी लाखों रुपए लेकर धोखाधड़ी की है।
संयोगितागंज पुलिस ने सोमवार को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले को जांच में ले लिया है।




