राजधानी की निशातपुरा थाना पुलिस ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे एक ऐसे शातिर अपराधी को दबोचने में सफलता हासिल की है, जो पिछले 14 वर्षों से पेरोल जंप कर फरार चल रहा था। आरोपी पर पुलिस विभाग द्वारा कुल 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
भाभी की हत्या में मिली थी उम्रकैद
निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि आरोपी उमेश चंद्र मोर्या (54) ने साल 2006 में घरेलू विवाद के चलते अपनी भाभी की जलाकर हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। साल 2012 में आरोपी भोपाल सेंट्रल जेल से पेरोल पर बाहर आया और तब से गायब हो गया। इसके बाद गांधी नगर थाने में उसके खिलाफ धारा 224 के तहत केस दर्ज कर स्थाई वारंट जारी किया गया था।
भेष बदलकर अहमदाबाद में बेच रहा था सामान
एसआई अशोक शर्मा के मुताबिक पुलिस टीम ने तकनीकी मदद और मुखबिरों की सूचना पर गुजरात के अहमदाबाद में दबिश दी। वहां आरोपी घनी आबादी वाले इलाके में छिपकर रह रहा था। पुलिस से बचने के लिए वह दिन में चेहरे पर कपड़ा बांधकर मनिहारी की फेरी लगाता था। पूछताछ में पता चला है कि वह 2016 से वहां रह रहा था, इससे पहले वह मुंबई में कोरियर का काम करता था।
मददगारों पर भी गिरेगी गाज
मामले में एएसआई सत्येंद्र चौबे ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में भोपाल के एक एडवोकेट का नाम भी लिया है, जिसने फरारी के दौरान उसकी आर्थिक मदद की और उसके नाम पर दुकान भी खरीदी। पुलिस अब इन दावों की पुष्टि कर रही है ताकि फरारी में मदद करने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
टीम की सराहना
इस कामयाबी में थाना प्रभारी मनोज पटवा के साथ उनि अशोक शर्मा, सउनि सतेन्द्र चौबे, प्रआर. अभिषेक सिंह, आरक्षक मनदीप जाट और मधुसूदन चौहान की मुख्य भूमिका रही।




