पचमढ़ी नगर को पचमढ़ी अभ्यारण्य से अलग किए जाने को लेकर एक बार फिर कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। जिसे आज मोहन सरकार मंजूरी देगी। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर पहले भी कैबिनेट फैसला कर चुकी है, लेकिन प्रस्ताव में तकनीकी गलती के चलते पचमढ़ी नगर को अभ्यारण्य से बाहर नहीं किया जा सका था।
इसलिए अब दोबारा प्रस्ताव लाकर पचमढ़ी अभ्यारण्य और पचमढ़ी नगर की सीमा अलग-अलग रखने को मंजूरी मिलेगी। इसके साथ ही टाइगर रिजर्व एरिया में बफर जोन में विकास कार्यों के प्रस्ताव भी मंजूर किए जाएंगे।
गणतंत्र दिवस के बाद हो रही इस पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कैबिनेट के साथियों के साथ दावोस यात्रा के अनुभव साझा करने के साथ वहां मिले निवेश प्रस्तावों की जानकारी भी देंगे। इसके अलावा सरकार की आगामी प्राथमिकताओं पर भी चर्चा होगी।
इन प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी
- मोहन कैबिनेट की बैठक में आज पचमढ़ी अभ्यारण्य की सीमा में पचमढ़ी नगर की नजूल भूमि को अभ्यारण्य की सीमा से अलग किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी।
- वन विभाग के प्रस्ताव पर टाइगर रिजर्व के अंतर्गत बफर जोन के विकास को भी मंजूरी मिलेगी।
- जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर तवा परियोजना दायीं तट नहर की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना को मंजूरी मिलेगी।
- तवा परियोजना की दायीं तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति दी जाएगी।
- जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर 15 परियोजनाएं आगामी वर्षों में चालू रखने को भी मंजूरी मिलेगी।
- सोलहवें वित्त आयोग की अवधि के लिए वर्तमान कार्यक्रम चालू रखने के राजस्व विभाग के प्रस्ताव को भी कैबिनेट मंजूर करेगी।
- पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक युवतियोंं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022 के नाम व मौजूदा प्रावधानों में संशोधन किए जाने के प्रपोजल को भी मंजूरी मिलेगी।
- कैबिनेट बैठक में सिवनी जिले के सिमरिया गांव में मौजूद खसरा नम्बर 90 की रकबा 0.60 हेक्टेयर भूमि पर वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन का गोदाम बन जाने पर भूमि स्वामी को मुआवजा दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी।
- सहकारिता विभाग के रिटायर संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार सिन्हा को एक वर्ष की संविदा नियुक्ति दी जाएगी।




