मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इंदौर जल त्रासदी को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान शहर कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष अमित खत्री, रवि परमार और अभिज्ञान शुक्ला मौजूद रहे।
यश घनघोरिया ने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी से हुई मौतें हत्या के समान हैं। भाजपा की “नाकारा और असंवेदनशील सरकार” इस पूरे मामले में सच्चाई छुपाने का प्रयास कर रही है। सरकार के आंकड़े वास्तविकता को नहीं दर्शाते, जबकि अब भी हजारों लोग प्रभावित हैं और 200 से 250 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।
उन्होंने बताया कि 2 जनवरी को यूथ कांग्रेस ने इंदौर नगर निगम का घेराव किया था, लेकिन सरकार और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हाल ही में महू में भी इसी तरह की घटना दोहराई गई, जहां दर्जनों लोग अस्पताल में भर्ती हुए और एक व्यक्ति की मौत हो गई।

मंत्रियों की भाषा पर सवाल यश घनघोरिया ने कहा कि सरकार की संवेदनशीलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंत्री और महापौर ने पीड़ितों को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। ऐसे बयान जनता की भावनाओं का अपमान हैं और लोकतंत्र में यह स्वीकार्य नहीं है।
28 से 5 तक जन अधिकार न्याय पदयात्रा युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ऐलान किया कि 28 जनवरी से 5 फरवरी तक प्रदेशव्यापी ‘जन अधिकार न्याय पदयात्रा’ निकाली जाएगी। पदयात्रा की शुरुआत इंदौर की 9 विधानसभा क्षेत्रों से होगी और माता अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा माता अहिल्या से मिलती है। इस पदयात्रा में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर का कांग्रेस नेतृत्व भी शामिल होगा।
यश घनघोरिया ने कहा कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही से हुई हत्या है। जब जनता जलकर देती है और बदले में जहरीला पानी मिलता है, तो यह सरकार की सीधी जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने छिंदवाड़ा में सिरप से नवजात बच्चों की मौत का भी जिक्र करते हुए कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि पानी पीने से पहले भी सोचना पड़ रहा है। युवा कांग्रेस ने साफ किया कि इंदौर के बाद यह आंदोलन पूरे प्रदेश के जिलों तक फैलाया जाएगा।




