विदिशा। शहर के पॉश इलाके स्टेशन रोड पर स्थित करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने वाले एक गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सिविल लाइन और देहात थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी तपन तिवारी, माधुरी श्रीवास्तव और रविकांत कुर्मी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
ऐसे रचा गया साजिश का जाल
पुलिस जांच के अनुसार, फरियादिया भावना मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि युवराज क्लब स्थित उनके प्लॉट नंबर 38 और 39 पर भू-माफियाओं की नजर थी। आरोपी माधुरी श्रीवास्तव ने पटवारी से साठगांठ कर फर्जी पंचनामा तैयार कराया और 1995 में बेची जा चुकी जमीन को फिर से अपना बताकर नामांतरण करा लिया। इसके बाद 3 सितंबर 2025 को तपन तिवारी और रविकांत के नाम पर इसकी अवैध रजिस्ट्री भी कर दी गई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं (318, 336, 338 और 3-5) के तहत केस दर्ज किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है: “मुख्य आरोपी से पूछताछ जारी है। रजिस्ट्री के गवाहों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अंदेशा है कि इस गिरोह ने शहर के अन्य भूखंडों के साथ भी ऐसी ही जालसाजी की है।”




