भोपाल (देहात)। फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट कर साइबर अपराधों की जमीन तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह को ईटखेड़ी पुलिस ने दबोचा है। पुलिस ने ‘ऑपरेशन FACE’ (Facial Authentication & Compliance Enforcement) के तहत यह कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही शख्स के चेहरे का इस्तेमाल कर अलग-अलग नामों से 16 से ज्यादा सिम जारी किए गए थे।
AI टूल से पकड़ी गई धोखाधड़ी
दूरसंचार विभाग (DoT) ने ASTR नामक AI आधारित फेशियल रिकग्निशन टूल के जरिए इस फर्जीवाड़े को पकड़ा। जांच में सामने आया कि आरोपी मोहम्मद कैफ कुरैशी के फोटो का इस्तेमाल 300 से अधिक सिम कार्ड एक्टिवेट करने के लिए किया गया था। पुलिस ने कैफ के साथ ही सिम बेचने वाले एजेंट नंदू शर्मा और सोनू साहू को भी गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे करते थे खेल?
- लालच: आरोपी POS एजेंट के रूप में काम करते थे। ज्यादा सिम बेचने पर मिलने वाले कमीशन के लालच में उन्होंने करीब 50 फर्जी सिम चालू किए।
- धोखाधड़ी: ये एजेंट ग्राहकों के दस्तावेजों की फोटोकॉपी अपने पास रख लेते थे और बाद में उन्हीं का दुरुपयोग कर दूसरे के नाम-पते पर सिम निकाल लेते थे।
- नेटवर्क: जांच में पता चला है कि कैफ का भाई सैफ, जो पहले से ही साइबर अपराध के मामले में जेल में है, भी इस गिरोह का हिस्सा था।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 419, 420, आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और दूरसंचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। एसपी पंकज कुमार पाण्डेय के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी आशीष सप्रे और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।



