इंदौर। देवी अहिल्या बाई होलकर एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार गंभीर विवादों में घिर गए हैं। भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और वित्तीय गड़बड़ी जैसे आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय तक शिकायत पहुँचने के बाद दिल्ली से आई एक हाई-लेवल टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या हैं मुख्य आरोप?
हाईकोर्ट एडवोकेट मनोज रायजादा की ओर से की गई शिकायत में कई चौंकाने वाले दावे किए गए हैं:
- वित्तीय गड़बड़ी: आरोप है कि मग्गीरवार सरकारी गेस्ट हाउस में रहने के बावजूद नियम विरुद्ध तरीके से मकान किराया भत्ता (HRA) वसूल रहे थे।
- टेंडर में मनमानी: सिविल विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर चहेती कंपनियों को फायदा पहुँचाने और अनावश्यक निर्माण कार्य मंजूर कराने के आरोप भी लगे हैं।
- अधिकारियों का उत्पीड़न: शिकायत के मुताबिक, एक बीमार अधिकारी को सिर्फ इसलिए पद से हटा दिया गया क्योंकि डायरेक्टर को उनके स्थानीय सांसद शंकर लालवानी का करीबी होने का शक था।
- CISF का गलत इस्तेमाल: सीआईएसएफ से निजी सुरक्षा गार्ड लेने और बदले में नियमों के विपरीत मांगे पूरी करने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं।
डायरेक्टर ने आरोपों को नकारा
सात महीने पहले मुंबई से ट्रांसफर होकर इंदौर आए सुनील मग्गीरवार ने इन सभी आरोपों को ‘निराधार और तथ्यहीन’ करार दिया है। एयरपोर्ट के पीआरओ रामस्वरूप यादव ने भी स्पष्ट किया है कि जांच दल अपना काम कर रहा है, लेकिन प्राथमिक तौर पर इन दावों में कोई सच्चाई नहीं दिखती।
PMO की नज़र, जांच तेज
पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने मामले को गंभीरता से लिया है। दिल्ली से आई टीम एयरपोर्ट के दस्तावेजों और हाल ही में हुए टेंडरों की बारीकी से जांच कर रही है। फिलहाल इस मामले पर पीएमओ या सांसद कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।




