विदिशा। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से अंधविश्वास और मां की ममता के एक हैरान करने वाले मिश्रण का मामला सामने आया है। यहां एक रिटायर्ड शिक्षिका मरियमा वर्गिस अपने 42 वर्षीय मृत बेटे शीनू वर्गिस को जिंदा करने की उम्मीद में पांच दिनों तक उसके शव के पास बैठकर प्रार्थना करती रहीं। मामले का खुलासा तब हुआ जब घर से असहनीय बदबू आने लगी और मुख्य दरवाजे के नीचे से खून बहकर बाहर आ गया।
दूध वाले ने दी पुलिस को सूचना
सोमवार सुबह जब दूध विक्रेता सचिन लोधी उनके घर पहुंचा, तो उसे तेज दुर्गंध आई और जमीन पर खून दिखा। शक होने पर उसने पड़ोसियों और पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो मां मरियमा ने उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश की। काफी समझाने के बाद जब पुलिस कमरे में दाखिल हुई, तो वहां का नजारा खौफनाक था।
शव में पड़ चुके थे कीड़े
पुलिस के मुताबिक, शीनू वर्गिस (42) का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ था। लाश करीब पांच दिन पुरानी होने के कारण पूरी तरह सड़ चुकी थी और उसमें कीड़े पड़ गए थे। शव के सीने पर बाइबिल रखी हुई थी और आसपास प्रार्थना की सामग्री बिखरी थी। मां को पूरा भरोसा था कि लगातार प्रार्थना करने से उनका बेटा दोबारा जीवित हो जाएगा।
जांच में जुटी पुलिस
सिविल लाइन थाना प्रभारी राजपाल सिंह जादौन ने बताया कि शीनू मुंबई में फैशन डिजाइनर था और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहा था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। विदेश में रहने वाले मृतक के अन्य भाइयों को सूचना दे दी गई है और मां को फिलहाल निगरानी में रखा गया है।




