इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच ने प्लॉट बेचने के नाम पर महिला से 18.75 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में ‘यूनाइटेड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड’ के तीन पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने पैसे लेने के बाद न तो प्लॉट की रजिस्ट्री की और न ही रकम वापस लौटाई।
सुपर कॉरिडोर का था सौदा
यशवंत निवास रोड निवासी वनिता डांगी ने शिकायत में बताया कि अप्रैल 2024 में उन्होंने सुपर कॉरिडोर स्थित ‘ऑर्चर्ड पार्क’ में एक प्लॉट (J-16) देखा था। कंपनी के डायरेक्टर त्रिलोकी प्रसाद गुप्ता और अनीता गहलोत ने 25 लाख रुपए में सौदा तय किया। पीड़िता ने कुल 18.75 लाख रुपए का भुगतान आरोपियों को कर दिया, लेकिन वे लगातार रजिस्ट्री टालते रहे।
पैसे मांगने पर दी धमकी
पीड़िता का आरोप है कि जुलाई 2025 में जब उन्होंने रजिस्ट्री के लिए दबाव बनाया, तो आरोपियों ने दूसरा प्लॉट चुनने का विकल्प दिया, लेकिन बाद में अपनी बात से मुकर गए। 10 अक्टूबर 2025 को त्रिलोकी प्रसाद गुप्ता ने स्पष्ट कर दिया कि न तो प्लॉट मिलेगा और न ही पैसे वापस होंगे। यही नहीं, आरोपियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस कर रही अन्य मामलों की पड़ताल
क्राइम ब्रांच ने पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों ने इसी तरह और कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।




