भोपाल। राजधानी के नीलम पार्क में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर जारी अनिश्चितकालीन धरना गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। चार दिनों से निर्जल अनशन पर बैठे ब्यावरा निवासी नरेंद्र राजपूत की सोमवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। चक्कर आने और अत्यधिक कमजोरी के बावजूद उन्होंने अस्पताल जाने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सरकार पदवृद्धि का ठोस आदेश जारी नहीं करती, वे धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे।

प्रमुख मांगें और स्थिति:
- पदवृद्धि की मांग: अभ्यर्थी वर्ग-2 में प्रत्येक विषय के 3 हजार पद बढ़ाने और वर्ग-3 में कुल पद 25 हजार कर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग कर रहे हैं।
- बच्चों के साथ जुटीं महिलाएं: आंदोलन में कई महिला अभ्यर्थी अपने छोटे बच्चों के साथ डटी हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव और मच्छरों की समस्या के बावजूद वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
- प्रशासन से अपील: अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षा विभाग में हजारों पद खाली होने के बाद भी कम पदों पर भर्ती निकाली गई, जिससे अच्छे अंक लाने वाले युवा भी बाहर हैं। साथियों ने प्रशासन से धरना स्थल पर ही मेडिकल टीम भेजने और सरकार से जल्द फैसला लेने की गुहार लगाई है।




